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पश्चिम एशिया संकट के चलते CBSE ने रद्द की 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं, स्पेशल असेसमेंट स्कीम से बनेगा रिजल्ट

पश्चिम एशिया संकट के चलते CBSE ने रद्द की 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं, स्पेशल असेसमेंट स्कीम से बनेगा रिजल्ट

पश्चिम एशिया संकट के चलते CBSE ने रद्द की 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं, स्पेशल असेसमेंट स्कीम से बनेगा रिजल्ट

पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालातों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बड़ा फैसला लेते हुए कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। अब बोर्ड ने छात्रों के परिणाम तैयार करने के लिए एक विशेष मूल्यांकन योजना (स्पेशल असेसमेंट स्कीम) लागू करने की घोषणा की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि 10वीं के लिए अब कोई लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी और तय फॉर्मूले के आधार पर ही रिजल्ट जारी होगा। इस फैसले से परीक्षा रद्द होने के बाद असमंजस में पड़े लाखों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है।

दरअसल, क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए बोर्ड ने यह कदम उठाया है। इस फैसले का सीधा असर बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में पढ़ रहे CBSE छात्रों पर पड़ा है।

17 से 28 फरवरी के बीच हुई थीं कुछ परीक्षाएं

बोर्ड के अनुसार 17 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच कुछ परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की गई थीं। इनमें गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे प्रमुख शैक्षणिक विषय शामिल थे। कुल मिलाकर 6 मुख्य विषयों, 16 भाषाओं और 22 कौशल आधारित विषयों की परीक्षाएं इस अवधि में हो सकीं।

कैसे तैयार होगा रिजल्ट

CBSE ने बताया है कि पश्चिम एशिया क्षेत्र के छात्रों का रिजल्ट नई मूल्यांकन योजना के आधार पर जल्द घोषित किया जाएगा। परिणाम तैयार करते समय यह देखा जाएगा कि छात्र कितनी परीक्षाओं में शामिल हुए थे। छात्रों को उनकी उपस्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।

जिन छात्रों ने सभी निर्धारित परीक्षाएं दी हैं, उनका रिजल्ट सीधे उनके प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार किया जाएगा।

जिन छात्रों की कुछ विषयों की परीक्षाएं रद्द हो गईं, उनके रिजल्ट के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले विषयों के औसत अंक का फॉर्मूला अपनाया जाएगा। अगर किसी छात्र ने चार परीक्षाएं दी हैं, तो जिन विषयों की परीक्षा नहीं हो सकी, उनके लिए सर्वश्रेष्ठ तीन विषयों के औसत अंक जोड़े जाएंगे। तीन परीक्षाएं देने वाले छात्रों के लिए दो सर्वश्रेष्ठ विषयों का औसत लिया जाएगा। केवल दो परीक्षाएं देने वाले छात्रों के शेष विषयों के अंक भी दो विषयों के औसत से तय किए जाएंगे।

पुराने पंजीकृत और निजी छात्रों के लिए व्यवस्था

जो छात्र 2025 या उससे पहले पंजीकृत थे और एक या दो परीक्षाओं में शामिल हुए, उनका परिणाम उनके वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया जाएगा। यदि उनकी कोई परीक्षा शेष है, तो उन्हें अगली बोर्ड परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा।

कंपार्टमेंट श्रेणी के निजी छात्रों पर भी यही नियम लागू होंगे।

परीक्षा केंद्र बदलने वालों को राहत

जिन छात्रों ने अपना परीक्षा केंद्र किसी अन्य देश या शहर में बदल लिया था, उनके परिणाम पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका रिजल्ट उन परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर ही तैयार किया जाएगा जिनमें वे शामिल हुए थे।

सभी का रिजल्ट एक साथ जारी होगा

पश्चिम एशिया क्षेत्र के छात्रों का परिणाम अलग से घोषित नहीं किया जाएगा। उनका रिजल्ट अन्य सभी छात्रों के साथ बोर्ड द्वारा तय समय पर ही जारी किया जाएगा।

अंकों में सुधार का मिलेगा मौका

बोर्ड ने छात्रों को अंक सुधारने का विकल्प भी दिया है। जो छात्र अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं, वे दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल होकर अपने अंक बेहतर कर सकते हैं।

आंतरिक मूल्यांकन रहेगा मान्य

आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। स्कूलों द्वारा अपलोड किए गए इंटरनल असेसमेंट के अंक ही मान्य होंगे और परिणाम तैयार करने में शामिल किए जाएंगे।

रिजल्ट होगा अंतिम

CBSE ने साफ किया है कि विशेष मूल्यांकन योजना के आधार पर जारी किया गया परिणाम अंतिम माना जाएगा। बोर्ड सामान्य परिस्थितियों में कोई अतिरिक्त परीक्षा आयोजित नहीं करेगा, हालांकि विशेष स्थिति में सक्षम अधिकारी निर्णय ले सकते हैं।

12वीं के लिए अलग योजना

कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए मूल्यांकन नीति अलग से घोषित की जाएगी। बोर्ड ने कहा है कि इसके बारे में विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।

इस फैसले से संकटग्रस्त क्षेत्रों में पढ़ रहे छात्रों को बड़ी राहत मिली है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बोर्ड ने पढ़ाई और मूल्यांकन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।

Asmita Sarkar

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