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UPSC सिविल सेवा परीक्षा: प्रीलिम्स के बाद प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा आयोग, 2026 से लागू होगा नया नियम

UPSC सिविल सेवा परीक्षा: प्रीलिम्स के बाद प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा आयोग, 2026 से लागू होगा नया नियम

UPSC सिविल सेवा परीक्षा: प्रीलिम्स के बाद प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा आयोग, 2026 से लागू होगा नया नियम

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के बाद प्रोविजनल आंसर की जारी करने के लिए नई व्यवस्था तैयार की है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नई व्यवस्था वर्ष 2026 से लागू होगी।

UPSC देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन हर साल तीन चरणों में करता है — प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और इंटरव्यू। इसी प्रक्रिया के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय विदेश सेवा (IFS) सहित कई शीर्ष सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।

सरकार के अनुसार, Supreme Court of India के निर्देशों का पालन करते हुए अब UPSC प्रारंभिक परीक्षा के बाद अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रोविजनल आंसर की जारी करेगा। हालांकि, प्रारंभिक परीक्षा के अंक पहले की तरह अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही सार्वजनिक किए जाएंगे।

यह नई व्यवस्था केवल सिविल सेवा परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। आयोग द्वारा आयोजित सभी संरचित परीक्षाओं में यही नियम लागू होगा, जिससे उम्मीदवारों को उत्तरों की पारदर्शी जानकारी मिल सकेगी।

निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए UPSC ने इंटर-सब्जेक्ट मॉडरेशन की व्यवस्था भी लागू कर रखी है। इसका उद्देश्य अलग-अलग विषयों के अभ्यर्थियों के बीच संतुलन बनाए रखना है, ताकि किसी भी विषय के छात्रों को अंकन प्रक्रिया में नुकसान न हो।

प्रारंभिक परीक्षा के CSAT पेपर को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। यह पेपर केवल क्वालिफाइंग प्रकृति का है और इसका स्तर मैट्रिक (10वीं) के बराबर रखा जाता है। इसका मकसद उम्मीदवारों की बुनियादी योग्यता, तार्किक क्षमता और विश्लेषण कौशल की जांच करना है।

उम्मीदवारों को आपत्ति दर्ज करने की सुविधा देने के लिए UPSC ने “Question Paper Representation Portal (QPRep)” नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसके जरिए छात्र प्रश्न पत्र या आंसर की में किसी भी त्रुटि पर आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। यह सुविधा भी 2026 से लागू होगी।

इसके अलावा, अभ्यर्थी शिकायत दर्ज कराने के लिए Union Public Service Commission की अन्य व्यवस्थाओं का भी उपयोग कर सकते हैं। शिकायतें Centralized Public Grievance Redress and Monitoring System (CPGRAMS) पोर्टल और ईमेल के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती हैं। CPGRAMS केंद्र सरकार का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराते हैं।

परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और अभ्यर्थियों के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।

Asmita Sarkar

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