
केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने भारत में सुलभ तकनीक, डिजिटल कौशल और कंटेंट इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की है। इन पहलों का मकसद देश में एआई-आधारित कौशल बढ़ाना, रचनाकारों को बड़ा मंच देना और टीवी देखने के अनुभव को आसान बनाना है।
राष्ट्रीय एआई कौशल प्रशिक्षण का शुभारंभ
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने Google और YouTube के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय एआई कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का लक्ष्य 15,000 रचनाकारों और मीडिया प्रोफेशनल्स को नई पीढ़ी की एआई तकनीकों से लैस करना है।
यह प्रशिक्षण भारतीय सृजनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IITC) के माध्यम से संचालित होगा और एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, कॉमिक्स (AVGC) और मीडिया टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में एआई क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। भारत की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था को देखते हुए यह कदम रचनात्मक उद्योगों में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
दो चरणों में होगा प्रशिक्षण
कार्यक्रम का पहला चरण 23 मार्च से 30 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिभागियों को बेसिक एआई ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके तहत Google Career Certificates और Generative AI Learning Path के जरिए एआई एसेंशियल्स, प्रॉम्प्टिंग और अन्य मूलभूत कोर्स पूरे करने होंगे।
दूसरा चरण जुलाई से दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रतिभागियों को एडवांस्ड ट्रेनिंग मिलेगी, जिसमें स्टोरीटेलिंग, यूट्यूब बेस्ट प्रैक्टिस और Gemini 3 व Vertex AI जैसे टूल्स पर प्रैक्टिकल एक्सपोज़र शामिल रहेगा। मंत्रालय का मानना है कि इस कार्यक्रम से देश में एक मजबूत एआई-स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार होगी।
‘मायवेव्स’: नागरिकों के लिए नया कंटेंट प्लेटफॉर्म
सरकार ने कंटेंट क्रिएटर्स की पहुंच बढ़ाने के लिए Waves OTT के तहत ‘मायवेव्स’ फीचर लॉन्च किया है। यह एक यूजर-जनरेटेड कंटेंट प्लेटफॉर्म है, जहां कोई भी नागरिक अपनी पसंद का कंटेंट बना, अपलोड और साझा कर सकेगा।
प्लेटफॉर्म शॉर्ट वीडियो, वर्टिकल वीडियो और एपिसोडिक कंटेंट जैसे आधुनिक फॉर्मेट सपोर्ट करता है और कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध रहेगा। इससे देश के उभरते रचनाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सशक्त और लोकतांत्रिक मंच मिलेगा। सरकारी अनुमान है कि यह प्लेटफॉर्म डिजिटल क्रिएटर इकॉनॉमी को नई गति देगा।
डीडी फ्री डिश अब बिना सेट-टॉप बॉक्स
टीवी देखने के अनुभव को सरल बनाने के लिए सरकार ने बिल्ट-इन सैटेलाइट ट्यूनर वाले टीवी और नया एडवांस्ड Electronic Program Guide (EPG) भी पेश किया है।
अब दर्शकों को DD Free Dish देखने के लिए अलग सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत नहीं होगी। इससे अतिरिक्त खर्च, तारों का झंझट और कई रिमोट्स की परेशानी खत्म हो जाएगी। यह पहल ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले करोड़ों दर्शकों के लिए टीवी देखने को और अधिक आसान तथा किफायती बनाएगी।
डिजिटल इंडिया और ऑरेंज इकोनॉमी को नई दिशा
सरकार की ये तीनों पहल ‘Digital India’ और ‘Create in India’ अभियानों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ी छलांग मानी जा रही हैं। एआई-स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने, डिजिटल कंटेंट को बढ़ावा देने और सार्वजनिक प्रसारण को सशक्त बनाने का सीधा असर भारतीय डिजिटल इकोसिस्टम के विकास पर पड़ेगा।
इन पहलों से न केवल रचनात्मक क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि भारत वैश्विक कंटेंट और एआई टेक्नोलॉजी स्पेस में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनकर उभरेगा।




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