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QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026: भारत के चार प्रमुख संस्थान दुनिया के टॉप 50 में शामिल

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026: भारत के चार प्रमुख संस्थान दुनिया के टॉप 50 में शामिल

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। बुधवार को जारी QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में देश के चार प्रमुख संस्थानों ने दुनिया के शीर्ष 50 में जगह बनाई है। इसमें आईआईटी, जेएनयू और मैनेजमेंट शिक्षा का प्रमुख संस्थान आईआईएम अहमदाबाद शामिल हैं। खास बात यह है कि आईआईएम अहमदाबाद को बिजनेस और मैनेजमेंट स्टडीज के साथ-साथ मार्केटिंग में भी वैश्विक स्तर पर टॉप 50 में स्थान मिला है।

वहीं झारखंड के धनबाद स्थित आईआईटी आईएसएम धनबाद (पूर्व इंडियन स्कूल ऑफ माइंस) ने मिनरल और माइनिंग इंजीनियरिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया में 21वां स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि भारत की तकनीकी शिक्षा की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख को दर्शाती है।

यह रैंकिंग लंदन स्थित वैश्विक एजेंसी QS Quacquarelli Symonds द्वारा जारी की गई है। ‘QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट’ के 16वें वार्षिक संस्करण में 100 से अधिक देशों के करीब 1,900 विश्वविद्यालयों के 21,000 से ज्यादा शैक्षणिक कार्यक्रमों का मूल्यांकन किया गया। इसमें 55 विषयों और पांच बड़े संकाय क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

वैश्विक रैंकिंग में भारत की मजबूत मौजूदगी

QS रैंकिंग 2026 के अनुसार, भारत ने अलग-अलग विषयों और संकाय क्षेत्रों में टॉप 50 में कुल 27 स्थान हासिल किए हैं। यह आंकड़ा पिछले संस्करण के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। ये उपलब्धियां देश के 12 अलग-अलग संस्थानों ने हासिल की हैं, जो भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली की व्यापक प्रगति को दिखाती हैं।

आईआईटी आईएसएम धनबाद को खनिज और खनन इंजीनियरिंग में 21वां स्थान मिला है, जो इस क्षेत्र में भारत की सबसे मजबूत उपस्थिति मानी जा रही है। वहीं आईआईएम अहमदाबाद ने बिजनेस एवं मैनेजमेंट स्टडीज और मार्केटिंग—दोनों विषयों में 21वां स्थान हासिल किया। मार्केटिंग क्षेत्र में यह भारत की ऐतिहासिक एंट्री मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले भारतीय संस्थान इस विषय में वैश्विक शीर्ष सूची में जगह नहीं बना पाए थे।

इसके अलावा आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय भी टॉप 50 में शामिल रहे, जिससे भारत की अकादमिक विविधता और गुणवत्ता दोनों मजबूत हुई हैं।

छह विषयों में भारत की खास मौजूदगी

QS की सीईओ जेसिका टर्नर ने भारत के प्रदर्शन पर कहा कि यह उभरती हुई गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तेज़ प्रगति का संकेत है। उनके मुताबिक, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और बिजनेस शिक्षा में सुधार यह दिखाता है कि भारतीय संस्थान योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में शोध क्षमता, वैश्विक साझेदारी और संस्थागत विशिष्टता भारत की अगली छलांग तय करेंगे।

इस संस्करण में आईआईटी दिल्ली का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। संस्थान ने छह विषयों में टॉप 50 में जगह बनाई और चार विषयों में देश में नेतृत्व किया। केमिकल इंजीनियरिंग में 48वां स्थान हासिल कर पहली बार टॉप 50 में एंट्री की। इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में 36वां स्थान मिला। मैकेनिकल, एयरोनॉटिकल और मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग में 44वां स्थान संस्थान का एक दशक से अधिक समय में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वहीं इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी व्यापक श्रेणी में 36वां स्थान मिला। कंप्यूटर साइंस में 45वें स्थान के साथ आईआईटी दिल्ली देश में दूसरे स्थान पर रहा।

कुल मिलाकर, QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 भारत के लिए बड़ी उपलब्धि लेकर आई है। तकनीकी, शोध और प्रबंधन शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय संस्थान अब वैश्विक मंच पर मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं।

Asmita Sarkar

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