
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने देश के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम की शुरुआत की है। तीन महीने तक चलने वाला यह कार्यक्रम छात्रों को परियोजना-आधारित लर्निंग और वास्तविक फील्ड अनुभव से जोड़ने का अवसर देता है, ताकि युवा सीधे एनबीए के चल रहे कार्यों का हिस्सा बन सकें।
इस पहल का मकसद युवाओं की क्षमता निर्माण को मजबूत करना है। कार्यक्रम उन्हें पर्यावरण संरक्षण की बारीकियों से परिचित कराएगा और इस क्षेत्र में करियर के नए अवसर खोलेगा। चयनित प्रतिभागियों को ‘जैव विविधता राजदूत’ के रूप में तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में जैव विविधता की समझ और महत्व को आगे बढ़ा सकें।
एनबीए इससे पहले भी एक वर्षीय जैव विविधता संरक्षण इंटर्नशिप कार्यक्रम (बीएसआईपी) संचालित करता रहा है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा वर्ष में इस कार्यक्रम के छठे चक्र के तहत 24 युवाओं का चयन किया गया है, जिन्हें विभिन्न राज्य जैव विविधता बोर्ड (एसबीबी) और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषद (यूटीबीसी) में नियुक्त किया गया है। यह इंटर्न अपने कार्यकाल के दौरान बोर्डों की बैठकों में हिस्सा लेते हैं, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं और नियमित गतिविधियों के साथ-साथ फील्ड स्टडी भी करते हैं। इससे उन्हें पर्यावरण संरक्षण के वास्तविक कामकाज की समझ मिलती है।
यह पूरा कार्यक्रम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, एनबीए और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की साझेदारी में संचालित हो रहा है। उद्देश्य है—ऐसे प्रशिक्षित युवाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना, जो भविष्य में जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
बीएसआईपी की शुरुआत वर्ष 2019-20 में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (22 मई 2020) के अवसर पर की गई थी। इसके बाद से हर वर्ष देशभर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशिक्षुओं को नियुक्त किया जाता रहा है।
एनबीए ने इन इंटर्नशिप कार्यक्रमों को मजबूत बनाने के लिए लगभग एक करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह निवेश इस दिशा में एक लंबी अवधि की तैयारी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भविष्य के जैव विविधता विशेषज्ञों और राजदूतों की एक सक्षम टीम तैयार करना है।
यह पहल न केवल युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वास्तविक अनुभव देगी, बल्कि देश में जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को भी एक मजबूत गति प्रदान करेगी।




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