
राजस्थान स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान और ग्रीन इकोनॉमी के सिद्धांतों को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास और सतत आजीविका को बढ़ावा देना है। “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेडिशनल नॉलेज, ग्रीन इकोनॉमी एंड एंटरप्रेन्योरशिप ऑपर्च्युनिटीज फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड सस्टेनेबल लाइवलीहुड (ICRDSL-2026)” शीर्षक से आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन 3 और 4 अप्रैल को होगा।
यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा, जिससे देश-विदेश के प्रतिभागी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से इसमें भाग ले सकेंगे। इससे उन लोगों को भी जुड़ने का अवसर मिलेगा जो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते।
इस कार्यक्रम का आयोजन मेवाड़ यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स (FMC) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज (FHSS) और फैकल्टी ऑफ मास एंड मीडिया कम्युनिकेशंस (FMMC) सहयोग कर रहे हैं। यह सम्मेलन यूनिवर्सिटी के गंगरार, चित्तौड़गढ़ स्थित एनएच-48 कैंपस में आयोजित होगा।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत के लिए संसाधन-कुशल और व्यवहारिक विकास के विकल्पों को सामने लाना है। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ, शोधकर्ता, उद्यमी और नीति-निर्माता भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक ज्ञान जैसे स्वदेशी कृषि पद्धतियां और हर्बल उपचार को आधुनिक ग्रीन इकोनॉमी मॉडल के साथ जोड़कर नए उद्यमिता अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा, सम्मेलन में सतत आजीविका, ग्रीन बिजनेस मॉडल और जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नीति समर्थन जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित होंगे। यह पहल ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
हाइब्रिड फॉर्मेट के कारण अधिक से अधिक प्रतिभागी इसमें शामिल हो सकेंगे, चाहे वे राजस्थान कैंपस में मौजूद हों या ऑनलाइन माध्यम से जुड़ें। इच्छुक प्रतिभागी रजिस्ट्रेशन, शोध पत्र जमा करने के दिशा-निर्देश और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी मेवाड़ यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त कर सकते हैं।
भारत के आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में यह सम्मेलन खास महत्व रखता है। ICRDSL-2026 के माध्यम से राजस्थान की पारंपरिक ज्ञान प्रणाली और ग्रीन इकोनॉमी से जुड़े प्रयासों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। ग्रामीण उद्यमिता, इको-फ्रेंडली विकास और सतत आजीविका में रुचि रखने वाले शोधार्थियों और छात्रों को समय रहते पंजीकरण करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
अधिक जानकारी या रजिस्ट्रेशन के लिए इच्छुक प्रतिभागी मेवाड़ यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं या FMC आयोजन टीम से संपर्क कर सकते हैं।




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