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गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में 2026-27 से चार वर्षीय BMS कोर्स शुरू, जानें पूरी जानकारी

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में 2026-27 से चार वर्षीय BMS कोर्स शुरू, जानें पूरी जानकारी

गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी में 2026-27 से चार वर्षीय BMS कोर्स शुरू, जानें पूरी जानकारी

Guru Gobind Singh Indraprastha University ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (BMS) प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। इस कोर्स के तहत हर वर्ष केवल 60 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा, जो Indian Institute of Packaging के माध्यम से चयनित होंगे। यह प्रोग्राम अंडरग्रेजुएट स्तर पर मैनेजमेंट शिक्षा के विकल्पों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस कोर्स में प्रवेश के लिए छात्रों को यूनिवर्सिटी का कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) देना अनिवार्य होगा, जो उनकी बुनियादी क्षमताओं का आकलन करता है। साथ ही, उम्मीदवारों के CUET UG के परिणामों को भी ध्यान में रखा जाएगा। चयन प्रक्रिया में प्रवेश परीक्षा के प्रदर्शन और शैक्षणिक पृष्ठभूमि दोनों को संतुलित रूप से महत्व दिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

अंतिम चयन CET और CUET के संयुक्त स्कोर के आधार पर किया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने डुअल एडमिशन सिस्टम को बनाए रखा है, जिसके तहत CET के जरिए खाली रह गई सीटों को CUET मेरिट के आधार पर भरा जाएगा। पात्रता के लिए उम्मीदवार का 12वीं कक्षा में कम से कम 50% अंक होना जरूरी है, साथ ही अंग्रेजी विषय का होना भी अनिवार्य है।

BMS प्रोग्राम की शुरुआत ऐसे समय में हो रही है जब देशभर में स्नातक स्तर पर मैनेजमेंट शिक्षा की मांग तेजी से बढ़ रही है। कई विश्वविद्यालय पहले से ही इस तरह के कोर्स चला रहे हैं। IPU का यह फैसला इंडस्ट्री की जरूरतों और छात्रों की पसंद के अनुरूप अपने कोर्स को अपडेट करने की दिशा में एक संकेत है।

यूनिवर्सिटी ने 28 जनवरी को 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए अपनी एडमिशन प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी प्रोग्राम शामिल हैं। 130 से अधिक संबद्ध कॉलेजों और स्कूलों में 43,000 से ज्यादा सीटों के साथ IPU देश के प्रमुख राज्य विश्वविद्यालयों में से एक है।

इस वर्ष BMS के अलावा यूनिवर्सिटी ने 24 नए कोर्स भी शुरू किए हैं, जो इसके शैक्षणिक विस्तार को दर्शाते हैं। इनमें MTech इन रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, BTech इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस, और MA इन मास कम्युनिकेशन (वीकेंड प्रोग्राम) जैसे आधुनिक कोर्स शामिल हैं। इसके अलावा क्लिनिकल साइकोलॉजी, इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री, फिजियोथेरेपी और टीचर एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार किया गया है।

यह विस्तार इस बात को दर्शाता है कि यूनिवर्सिटी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीक, हेल्थकेयर और मैनेजमेंट को एक साथ जोड़कर छात्रों को तैयार करना चाहती है। नए कोर्स और विविध एडमिशन विकल्पों के जरिए IPU न केवल ज्यादा से ज्यादा छात्रों को आकर्षित करना चाहता है, बल्कि अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता को भी और मजबूत करना चाहता है।

Asmita Sarkar

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