
दिल्ली में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले फीस को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ताज़ा मामला द्वारका के एक निजी स्कूल का है, जहां प्रबंधन ने 26 छात्रों के नाम रजिस्टर से हटा दिए हैं। अभिभावकों को इसकी जानकारी नोटिस के माध्यम से दी गई, जिसके बाद अभिभावक स्कूल की कार्रवाई को चुनौती देने के लिए कोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रहे हैं।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पिछले हफ्ते मयूर विहार स्थित एक अन्य निजी संस्थान—सालवान स्कूल—ने भी लगभग 40 बच्चों के नाम काट दिए थे। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने दिल्ली में फीस विवाद को और तेज कर दिया है।
स्कूल ने नियम 35 का हवाला दिया
द्वारका के स्कूल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कई बार नोटिस भेजने के बावजूद शैक्षणिक सत्र 2025–26 की फीस जमा नहीं की गई, जिसके चलते कार्रवाई करनी पड़ी। स्कूल ने अपने पत्र में दिल्ली एजुकेशन एक्ट 1973 के नियम 35 का उल्लेख करते हुए कहा है कि निर्धारित समय पर फीस न चुकाने पर स्कूल को छात्र का नाम रजिस्टर से हटाने का अधिकार है।
नोटिस में अभिभावकों से यह भी कहा गया है कि वे 7 अप्रैल तक प्रशासनिक और लेखा विभाग से औपचारिकताएं पूरी कर लें। एक अभिभावक के अनुसार, कुल 26 परिवारों को इसी तरह का पत्र मिला है।
अभिभावकों का दावा—फीस जमा, फिर भी नाम काटा
अभिभावकों ने स्कूल की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने बकाया फीस जमा कर दी थी, फिर भी स्कूल ने नोटिस जारी किया। अभिभावकों के मुताबिक, स्कूल ने 25 मार्च 2026 को ‘कारण बताओ नोटिस’ भेजा था, लेकिन उनके जवाब को “असंतोषजनक” बताते हुए सीधे नाम काटने का फैसला ले लिया गया।
शिक्षा निदेशालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन
फीस विवाद को लेकर सोमवार सुबह कई स्कूलों के अभिभावक शिक्षा निदेशालय के बाहर एकत्र हुए और शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर स्कूलों की मनमानी के खिलाफ विरोध जताया।
प्रदर्शन के बाद अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा निदेशक से मिला और पूरी स्थिति की जानकारी दी। अभिभावकों ने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले में स्कूलों से बात की जाएगी और समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।




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