
मंगलुरु में फॉरेंसिक साइंस पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और छात्रों ने एक साथ आकर उन्नत जांच तकनीकों और जटिल अपराधों को सुलझाने में भौतिक व डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका पर गहन चर्चा की। इस मंच ने ज्ञान साझा करने और बदलती जांच प्रक्रियाओं को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
“CriFo 2K26 Forensic Session” के बैनर तले आयोजित यह सम्मेलन मंगलुरु स्थित रोशनी निलया स्कूल ऑफ सोशल वर्क के क्रिमिनोलॉजी और फॉरेंसिक साइंस विभाग तथा AVZ साइबर सिक्योरिटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की संयुक्त पहल थी।
कार्यक्रम का मुख्य फोकस फॉरेंसिक साइंस के नए रुझानों को समझना था, खासकर यह कि पारंपरिक जांच पद्धतियों के साथ अब डिजिटल टूल्स कैसे जुड़ रहे हैं। सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर फॉरेंसिक्स, डिजिटल एविडेंस एनालिसिस और क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन में हो रहे बदलाव कानून प्रवर्तन एजेंसियों के काम करने के तरीके को तेजी से बदल रहे हैं, खासकर जटिल मामलों में।
सम्मेलन में यह भी स्पष्ट किया गया कि आने वाले समय में फॉरेंसिक साइंस, टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी के साथ मिलकर काम करेगा। प्रतिभागियों को भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण की नई तकनीकों से परिचित कराया गया, जो इस बात को दर्शाती हैं कि अपराधों की प्रकृति अब धीरे-धीरे डिजिटल होती जा रही है।
वक्ताओं ने इस दौरान जोर देकर कहा कि फॉरेंसिक पेशेवरों को तेजी से बदलती तकनीक के साथ अपने कौशल को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए। इस आयोजन ने छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को इंडस्ट्री विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और फॉरेंसिक साइंस के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर भी दिया।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच की दूरी को कम करना था, ताकि शैक्षणिक संस्थानों और इंडस्ट्री विशेषज्ञों के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। साइबर सिक्योरिटी कंपनी के साथ साझेदारी ने यह भी दिखाया कि आज के समय में डिजिटल फॉरेंसिक्स जांच प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुका है।
सम्मेलन के समापन पर प्रतिभागियों ने शैक्षणिक संस्थानों, फॉरेंसिक लैब्स और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि आपराधिक जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सके और समय पर न्याय सुनिश्चित हो।
भारत की जांच प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में CriFo 2K26 जैसे आयोजन फॉरेंसिक शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर बढ़ते फोकस को दर्शाते हैं।




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