
स्कूल शिक्षा को ज्यादा व्यावहारिक और रोजगार उन्मुख बनाने की दिशा में पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) को ग्रेडेड विषय के रूप में शामिल कर दिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य छात्रों में स्किल आधारित सीखने को बढ़ावा देना और उन्हें भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना है।
यह पहल राज्य सरकार के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में उद्यमिता शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है। इसके जरिए छात्रों में समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता और खुद से पहल करने जैसे महत्वपूर्ण कौशल विकसित किए जाएंगे।
उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के साथ साझेदारी जारी
राज्य सरकार ने उद्यम लर्निंग फाउंडेशन (Udhyam Learning Foundation) के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाया है। पहले तीन साल की साझेदारी पूरी होने के बाद अब नई तीन साल की समझौता अवधि (MoU) पर सहमति बनी है।
इस कार्यक्रम को अब 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए लागू किया जाएगा। यह पहल पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड से जुड़े सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लागू होगी, जिससे 6.40 लाख से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
अनुभव आधारित सीखने पर जोर
इस कार्यक्रम की खासियत इसका अनुभव आधारित शिक्षण मॉडल है। इसमें छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
छात्रों को अलग-अलग गतिविधियों के जरिए समस्या पहचानने, नए आइडिया विकसित करने, उन्हें लागू करने और उसके परिणामों का मूल्यांकन करने का मौका मिलेगा। इससे उनमें आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।
देशभर में प्रभाव और पंजाब में भूमिका
उद्यम लर्निंग फाउंडेशन पहले से ही 12 राज्यों में इस तरह के कार्यक्रम चला रही है, जहां 47 लाख से अधिक छात्र और 50,000 से ज्यादा शिक्षक इससे जुड़े हुए हैं।
पंजाब में यह संस्था पाठ्यक्रम के संचालन, शिक्षकों के प्रशिक्षण और कक्षा में होने वाली गतिविधियों को मजबूत बनाने में सहयोग करेगी, ताकि छात्रों को वास्तविक अनुभव के साथ सीखने का मौका मिल सके।
बिजनेस आइडिया पर होगा मूल्यांकन
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस (Harjot Singh Bains) के अनुसार, इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद खुद अवसर बनाने के लिए तैयार हों।
उन्होंने बताया कि छात्रों को अपनी पढ़ाई के दौरान बिजनेस आइडिया तैयार करने और उसे लागू करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ जैसे कार्यक्रमों के तहत छात्रों को अपने स्टार्टअप आइडिया के लिए शुरुआती फंडिंग भी दी जाएगी।
9वीं से 12वीं तक एंटरप्रेन्योरशिप शिक्षा के विस्तार से पंजाब में स्किल बेस्ड एजुकेशन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे छात्र शुरुआती स्तर पर ही इनोवेशन और बिजनेस की समझ विकसित कर सकेंगे, जो भविष्य में उनके करियर के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।




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