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MBBS in China: Why It Has Become a Preferred Choice for Indian Students

चीन में MBBS: भारतीय छात्रों के लिए क्यों बना पसंदीदा विकल्प, जानें टॉप मेडिकल कॉलेज और पूरी जानकारी

MBBS in China: Why It Has Become a Preferred Choice for Indian Students

भारत में मेडिकल सीटों की सीमित संख्या और निजी मेडिकल कॉलेजों की ऊंची फीस ने पिछले एक दशक में छात्रों को विदेश में MBBS की ओर आकर्षित किया है। इसी वजह से चीन भारतीय छात्रों का एक प्रमुख हब बनकर उभरा है। चीन के मेडिकल कॉलेज अपनी आधुनिक सुविधाओं, रिसर्च क्वालिटी और किफायती फीस के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल एक्सपोजर कई विकसित देशों के मुकाबले बेहतर माना जाता है।

भारत की तुलना में चीन में मेडिकल पढ़ाई का खर्च काफी कम आता है, जिसके चलते हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र यहां दाखिला लेते हैं। WHO और NMC में मान्यता होने के कारण चीन की मेडिकल डिग्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार की जाती है।

चीन के प्रमुख मेडिकल कॉलेज

चीन में कई टॉप रैंकिंग यूनिवर्सिटीज MBBS को इंग्लिश मीडियम में भी उपलब्ध कराती हैं। भारतीय छात्र ज्यादातर उन विश्वविद्यालयों को चुनते हैं, जहां हॉस्टल, क्लिनिकल ट्रेनिंग और इंडियन करिकुलम जैसी सुविधाएं अधिक बेहतर हैं।

1. फूदान यूनिवर्सिटी, शंघाई

यह विश्वविद्यालय विश्व रैंकिंग में लगातार शीर्ष स्थान पर रहती है। यहां आधुनिक मेडिकल रिसर्च सुविधाएं और मजबूत क्लिनिकल एक्सपोजर उपलब्ध है।

2. झेजियांग यूनिवर्सिटी, हांग्जो

रिसर्च, मॉडर्न मेडिकल टेक्नोलॉजी और इंटरनेशनल एक्सपोजर के कारण यह छात्रों की पहली पसंद में शामिल है।

3. पेकिंग यूनिवर्सिटी, बीजिंग

चीन की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित मेडिकल यूनिवर्सिटी मानी जाती है, जहां उच्च स्तर की मेडिकल ट्रेनिंग दी जाती है।

4. नानजिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी, नानजिंग

भारतीय छात्रों के बीच यह सबसे लोकप्रिय विश्वविद्यालयों में से एक है। यहां इंडियन स्टूडेंट कम्युनिटी भी काफी बड़ी है।

5. जिलिन यूनिवर्सिटी, चांगचुन

इस विश्वविद्यालय का हॉस्पिटल नेटवर्क बहुत बड़ा है, जिससे छात्रों को बेहतर क्लिनिकल ट्रेनिंग मिलती है।

6. चाइना मेडिकल यूनिवर्सिटी, शेनयांग

यहां का कोर्स स्ट्रक्चर भारतीय MBBS पैटर्न से काफी मेल खाता है, इसलिए इंडियन स्टूडेंट्स के लिए इसे पढ़ना आसान होता है।

चीन में MBBS करने के प्रमुख फायदे

चीन में MBBS करने का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी किफायती लागत है। भारत के निजी मेडिकल कॉलेजों में जहां फीस करोड़ों तक पहुंच जाती है, वहीं चीन में छह साल की पढ़ाई, हॉस्टल और अन्य खर्च मिलाकर कुल लागत लगभग 25 लाख से 35 लाख रुपये तक होती है। यह अंतर कई परिवारों के लिए बड़ा राहत देने वाला है।

यहां की सरकारी यूनिवर्सिटीज आधुनिक लैब, 3D मेडिकल सिम्युलेशन और बड़े हॉस्पिटल नेटवर्क से लैस होती हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण छात्रों को रियल-टाइम क्लिनिकल प्रैक्टिस का भरपूर मौका मिलता है। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि एडमिशन के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा नहीं देनी पड़ती, केवल NEET क्वालीफाई होना पर्याप्त है। चीन की मेडिकल डिग्री विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) दोनों द्वारा मान्यता प्राप्त है।

योग्यता और प्रवेश मानदंड

चीन में MBBS के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के पास 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) में 50 से 60 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। भारतीय छात्रों के लिए NEET क्वालीफाई करना अनिवार्य है, क्योंकि बिना NEET के डिग्री भारत में मान्य नहीं मानी जाएगी। आवेदन के समय आवेदक की न्यूनतम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए।

अगर आप मेडिकल पढ़ाई को लेकर किफायती और गुणवत्तापूर्ण विकल्प तलाश रहे हैं, तो चीन भारतीय छात्रों के लिए एक मजबूत विकल्प बन चुका है। आधुनिक सुविधाएं, बेहतर ट्रेनिंग और ग्लोबल मान्यता इसे MBBS के लिए दुनिया के प्रमुख स्थलों में शामिल करती है।

 

 

 

 

Asmita Sarkar

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