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IIT–IIM कैंपसों में बढ़ी साइकिलिंग की रफ्तार, फिट इंडिया मिशन से जुड़कर मिल रहे कार्बन क्रेडिट और इंसेंटिव

IIT–IIM कैंपसों में बढ़ी साइकिलिंग की रफ्तार, फिट इंडिया मिशन से जुड़कर मिल रहे कार्बन क्रेडिट और इंसेंटिव

IIT–IIM कैंपसों में बढ़ी साइकिलिंग की रफ्तार, फिट इंडिया मिशन से जुड़कर मिल रहे कार्बन क्रेडिट और इंसेंटिव

देश में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुई इंसेंटिव आधारित योजनाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। युवा अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को ध्यान में रखकर साइकिल का उपयोग बढ़ा रहे हैं। खास बात यह है कि अब IIT, IIM और अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों में भी कैंपस को व्हीकल-फ्री बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। मंत्रालय ने साइकिल उपयोग की मॉनिटरिंग भी शुरू कर दी है, जिसके तहत पता लगाया जाएगा कि कोई व्यक्ति सप्ताहभर में कितने किलोमीटर साइकिल चला रहा है।

फिट इंडिया ऐप पर बढ़ रही साइकिल क्लबों की मौजूदगी

युवा एवं खेल मंत्रालय के साइकिलिंग मिशन के तहत फिट इंडिया ऐप में साइकिल क्लबों का तेजी से पंजीकरण हो रहा है। इसी ऐप के माध्यम से यह देखा जाता है कि हर सप्ताह देश के कौन से क्लब या व्यक्ति सबसे ज्यादा साइकिल चला रहे हैं और कितने कार्बन क्रेडिट अर्जित कर रहे हैं। हर हफ्ते चयनित प्रतिभागियों को दिल्ली बुलाकर सम्मानित भी किया जाता है।

IIT–IIM कैंपसों को व्हीकल-फ्री बनाने की पहल

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के अनुसार, दो वर्ष पहले केवल 250 स्थानों पर ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ अभियान शुरू हुआ था। आज यह संख्या बढ़कर 16 हजार से अधिक स्थानों तक पहुंच गई है, जहां हर रविवार एक साथ साइकिलिंग कार्यक्रम आयोजित होता है।

सरकार अब बड़े शैक्षणिक संस्थानों—जैसे IIT, IIM और प्रमुख विश्वविद्यालयों—को व्हीकल-फ्री बनाने पर जोर दे रही है। उद्देश्य यह है कि छात्र कैंपस में अधिक से अधिक साइकिल का उपयोग करें और एक स्वस्थ तथा पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था तैयार हो।

2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया फिट इंडिया अभियान अब बड़े पैमाने पर देशभर में लोकप्रिय हो चुका है। हर रविवार डॉक्टर, कॉरपोरेट क्षेत्र के CEO, राजनीतिक हस्तियां और फिल्म कलाकार भी इस अभियान में शामिल होकर साइकिलिंग को बढ़ावा देते हैं। अब साइकिल चलाने वालों के लिए वित्तीय लाभ भी जोड़े गए हैं, जैसा कई यूरोपीय देशों—जैसे डेनमार्क और नीदरलैंड—में लंबे समय से होता आ रहा है।

छात्रों में साइकिल चलाने की बढ़ती आदत

दिल्ली की IP यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक प्रो. गुलशन कुमार धमीजा बताते हैं कि उनकी यूनिवर्सिटी में साइकिल का उपयोग लगातार बढ़ रहा है और इस दिशा में संस्थान गंभीरता से काम कर रहा है। उनका कहना है कि IIT रोपड़ सहित कई प्रमुख संस्थानों में हॉस्टल के छात्र कैंपस के भीतर लगभग पूरी तरह साइकिल पर ही निर्भर रहते हैं।

शैक्षणिक संस्थानों का सहयोग इस मिशन को सफल बनाने में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और युवा वर्ग इसकी अहमियत को पूरी तरह समझ रहा है।

साइकिलिंग से कम होगा कार्बन उत्सर्जन, ऐप पर पूरी ट्रैकिंग

फिट इंडिया ऐप में कार्बन क्रेडिट की व्यवस्था लागू की गई है। ऐप यह रिकॉर्ड करता है कि रजिस्टर्ड उपयोगकर्ता ने कितने किलोमीटर साइकिल चलाई और उसके चलते कितना कार्बन उत्सर्जन कम हुआ। जैसे-जैसे इस अभियान से क्लबों और व्यक्तियों की संख्या बढ़ रही है, उसी तरह इंसेंटिव देने की योजना का दायरा भी विस्तारित किया जा रहा है।

पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद

साइकिलिंग न केवल एक टिकाऊ और किफायती परिवहन साधन है, बल्कि यह शहरों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में भी मददगार हो सकता है। मंत्रालय का मानना है कि यदि शैक्षणिक संस्थानों और शहरी क्षेत्रों में साइकिलिंग संस्कृति को मजबूत किया जाए, तो आने वाले वर्षों में इसके व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे।

Asmita Sarkar

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