
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG को लेकर इस साल एक अलग तस्वीर सामने आई है। जहां पिछले कुछ वर्षों में आवेदनों की संख्या तेजी से बढ़ती रही, वहीं 2026 में यह बढ़ोतरी लगभग थम सी गई है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस बार केवल करीब 3 हजार अतिरिक्त उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है।
यह बदलाव लाखों छात्रों के लिए राहत भरा संकेत भी माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान मेडिकल सीटों—खासकर MBBS—में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
22.79 लाख उम्मीदवारों को जारी हुए एडमिट कार्ड
परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी National Testing Agency (NTA) ने NEET UG 2026 के लिए कुल 22,79,743 उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड जारी किए हैं। इस बार एक सकारात्मक पहल यह रही कि 99 प्रतिशत से अधिक छात्रों को उनकी पहली पसंद का परीक्षा शहर मिला है।
इससे परीक्षा से पहले यात्रा और व्यवस्था से जुड़ी परेशानियां काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। परीक्षा 3 मई को देशभर में एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।
पिछले साल के मुकाबले क्या बदला
यदि पिछले साल की बात करें तो करीब 22.76 लाख छात्रों ने आवेदन किया था, जबकि MBBS की कुल सीटें लगभग 1.29 लाख थीं। सीटों के मुकाबले उम्मीदवारों की संख्या कई गुना अधिक होने के कारण प्रतियोगिता बेहद कठिन हो जाती है।
हालांकि इस साल स्थिति कुछ बदल सकती है। National Medical Commission (NMC) से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कई नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने की प्रक्रिया में हैं और पुराने संस्थानों ने भी सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव दिए हैं। इससे आने वाले सत्र में MBBS सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
कम दबाव, लेकिन प्रतिस्पर्धा बरकरार
आवेदनों में सीमित बढ़ोतरी और सीटों में संभावित इजाफा—इन दोनों को मिलाकर देखा जाए तो छात्रों पर दबाव थोड़ा कम हो सकता है। हालांकि यह भी सच है कि NEET के जरिए सिर्फ MBBS ही नहीं, बल्कि BDS, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्धा जैसे कोर्सों में भी प्रवेश मिलता है, फिर भी सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा MBBS सीटों के लिए ही रहती है।
परीक्षा केंद्र और उपस्थिति पर फोकस
इस बार NTA ने देशभर में 5,446 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। आवेदन के दौरान छात्रों से तीन पसंदीदा शहर मांगे गए थे, जिनके आधार पर सेंटर आवंटित किए गए। 12 अप्रैल को ही एग्जाम सिटी की जानकारी जारी कर दी गई थी, जिससे छात्रों को पहले से तैयारी का पर्याप्त समय मिल सका।
NEET उन परीक्षाओं में शामिल है जहां उपस्थिति दर हमेशा उच्च रहती है। पिछले साल लगभग 97–98 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। इस बार चूंकि अधिकांश छात्रों को उनकी पसंद का शहर मिला है, इसलिए उपस्थिति और बेहतर रहने की संभावना जताई जा रही है।
आगे क्या संकेत मिलते हैं
NEET UG 2026 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में संतुलन की दिशा में धीरे-धीरे बदलाव हो रहा है। अगर सीटों में अनुमानित बढ़ोतरी होती है, तो आने वाले वर्षों में प्रतियोगिता का दबाव कुछ कम हो सकता है।
फिलहाल, लाखों छात्रों के लिए 3 मई की परीक्षा ही उनके मेडिकल करियर की दिशा तय करेगी।




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