
भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। नई नीतियां, डिजिटल हेल्थ पहल और बेहतर गुणवत्ता व पहुंच पर बढ़ता फोकस इस बदलाव को आगे बढ़ा रहा है। ऐसे माहौल में अब सिर्फ मेडिकल ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता वाले पेशेवरों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Indian Institute of Management Ahmedabad (IIMA) ने हेल्थकेयर सर्विसेज मैनेजमेंट में अपने एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के तीसरे बैच की घोषणा की है। यह प्रोग्राम Jaro Education के सहयोग से पेश किया जा रहा है, जो इसके मार्केटिंग पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।
हेल्थकेयर सेक्टर की नई जरूरतों पर फोकस
यह प्रोग्राम खासतौर पर हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए तैयार किया गया है, चाहे वे सरकारी क्षेत्र में हों या निजी संस्थानों में। इसका उद्देश्य क्लिनिकल एक्सपर्टीज और मैनेजमेंट स्किल्स के बीच बढ़ते अंतर को कम करना है।
भारत में Ayushman Bharat Digital Mission जैसी योजनाओं के साथ हेल्थकेयर सिस्टम में बड़ा बदलाव आ रहा है। अब मरीज-केंद्रित सेवाओं पर जोर है, जहां ऑपरेशंस, टेक्नोलॉजी और रणनीति को साथ लेकर चलना जरूरी हो गया है।
पढ़ाई का तरीका और अवधि
यह आठ महीने का प्रोग्राम ब्लेंडेड लर्निंग मॉडल पर आधारित होगा। इसमें लाइव ऑनलाइन क्लासेज के साथ-साथ IIMA कैंपस में समय-समय पर इमर्शन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
प्रोग्राम की शुरुआत 28 मई 2026 से होगी, जबकि आवेदन की अंतिम तारीख 13 मई 2026 तय की गई है।
क्या सिखाया जाएगा
इस कोर्स में हेल्थकेयर ऑपरेशंस, फाइनेंस, रणनीति, मार्केटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ सिस्टम जैसी नई तकनीकों की समझ भी दी जाएगी।
इसके अलावा, प्रतिभागियों को हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़े नीति और रेगुलेटरी ढांचे की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे वे इस क्षेत्र की जटिलताओं को बेहतर तरीके से समझ सकें।
कौन कर सकता है आवेदन
इस प्रोग्राम के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास ग्रेजुएशन के साथ कम से कम तीन साल का कार्य अनुभव होना जरूरी है। यह कोर्स खासकर हेल्थकेयर सेक्टर में काम कर रहे लोगों के लिए उपयोगी है, लेकिन अन्य क्षेत्रों से जुड़े वे उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, जिनकी इस क्षेत्र में रुचि है।
बदलते दौर में जरूरी स्किल्स
जैसे-जैसे हेल्थकेयर सिस्टम अधिक जटिल और टेक्नोलॉजी-आधारित हो रहा है, वैसे-वैसे पेशेवरों में बहु-विषयक (इंटरडिसिप्लिनरी) कौशल की जरूरत बढ़ रही है।
ऐसे प्रोग्राम यह दिखाते हैं कि उच्च शिक्षा अब उद्योग की जरूरतों के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
भविष्य के लिए अहम पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्थकेयर सेक्टर में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए अब रणनीति, संचालन और तकनीक को साथ लेकर चलना जरूरी हो गया है। इस तरह के प्रोग्राम न सिर्फ मैनेजमेंट क्षमता को मजबूत करेंगे, बल्कि देश के हेल्थकेयर सिस्टम को अधिक प्रभावी और बेहतर बनाने में भी योगदान दे सकते हैं।




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