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CBSE ने 2026-27 सत्र के लिए ‘पेरेंटिंग कैलेंडर’ लॉन्च किया, अभिभावकों की भूमिका पर जोर

CBSE ने 2026-27 सत्र के लिए ‘पेरेंटिंग कैलेंडर’ लॉन्च किया, अभिभावकों की भूमिका पर जोर

CBSE ने 2026-27 सत्र के लिए ‘पेरेंटिंग कैलेंडर’ लॉन्च किया, अभिभावकों की भूमिका पर जोर

छात्रों के समग्र विकास में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से Central Board of Secondary Education (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ‘पेरेंटिंग कैलेंडर’ जारी किया है। यह पहल स्कूल, अभिभावक और छात्रों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पहले साल की सफलता के बाद मजबूत पहल

इस पहल की शुरुआत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में की गई थी, जो National Education Policy 2020 (NEP 2020) के विजन पर आधारित है। इसका मकसद सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि छात्रों के भावनात्मक, सामाजिक और मानसिक विकास पर भी ध्यान देना है। पहले ही साल इस मॉडल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

नए सत्र में जोड़े गए उपयोगी फीचर्स

CBSE ने इस बार पेरेंटिंग कैलेंडर को और व्यवस्थित बनाया है। इसमें बेहतर एंगेजमेंट रणनीतियां, शिक्षकों द्वारा संचालित गतिविधियां और मनोसामाजिक पहलें शामिल की गई हैं। इनका उद्देश्य बच्चों के व्यवहार, सीखने की क्षमता और सामाजिक कौशल को मजबूत करना है। साथ ही, आज के बदलते शैक्षणिक माहौल में अभिभावकों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी ध्यान में रखा गया है।

‘इन्क्लूजन’ और ‘कोपिंग विद चेंजेस’ पर खास फोकस

नए कैलेंडर में ‘इन्क्लूजन’ और ‘कोपिंग विद चेंजेस’ जैसे सेक्शन जोड़े गए हैं। ‘इन्क्लूजन’ का मकसद अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए समान अवसर और संवेदनशील माहौल तैयार करना है। वहीं ‘कोपिंग विद चेंजेस’ सेक्शन अभिभावकों और छात्रों को नए पाठ्यक्रम और बदलती शैक्षणिक अपेक्षाओं के साथ तालमेल बैठाने में मदद करेगा।

इसके अलावा ‘पेरेंटिंग वर्कशॉप्स’ सेक्शन को भी मजबूत किया गया है, जिससे स्कूल उम्र के हिसाब से उपयोगी कार्यक्रम तैयार कर सकें और अभिभावकों को सही मार्गदर्शन मिल सके।

घर और स्कूल के बीच संवाद होगा बेहतर

यह कैलेंडर अभिभावकों और बच्चों के बीच संवाद को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्कूल और परिवार के रिश्ते को मजबूत करने में मदद करेगा। इसे एक प्रैक्टिकल गाइड के रूप में तैयार किया गया है, जिससे अभिभावक बच्चों के विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।

स्कूलों को लागू करने की सलाह

लॉन्च के दौरान प्राचार्य, शिक्षक, काउंसलर और अभिभावकों ने इसकी कार्यप्रणाली को समझा। यह पेरेंटिंग कैलेंडर CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। बोर्ड ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों से इसे अपनाने और प्रभावी तरीके से लागू करने की अपील की है, ताकि छात्रों के लिए सकारात्मक और सहयोगी शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जा सके।

Asmita Sarkar

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