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जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी बना राजस्थान का पहला AI-सक्षम कैंपस

जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी बना राजस्थान का पहला AI-सक्षम कैंपस

जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी बना राजस्थान का पहला AI-सक्षम कैंपस

जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी (Jaipur National University) ने राजस्थान का पहला AI-सक्षम (AI-enabled) कैंपस शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence – AI) को कक्षा (Classroom), कैंपस सिस्टम और छात्रों की रोजमर्रा की पढ़ाई का हिस्सा बनाया जा रहा है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ तकनीक पढ़ाना नहीं, बल्कि छात्रों को उसे अनुभव कराने का है। तेजी से बदलती इंडस्ट्री और डिजिटल दुनिया को देखते हुए अब संस्थानों पर यह जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करें।

पढ़ाई में AI का इस्तेमाल

कैंपस में अब छात्रों को उनकी सीखने की गति और तरीके के अनुसार AI आधारित अध्ययन सामग्री (Learning Content) दी जा रही है। यह सिस्टम छात्रों को तुरंत फीडबैक (Feedback) भी देता है और यह पहचानने में मदद करता है कि उन्हें किन विषयों में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

स्मार्ट क्लासरूम और नई सीखने की तकनीक

विश्वविद्यालय ने AI आधारित स्मार्ट क्लासरूम (Smart Classrooms) भी शुरू किए हैं। इनकी मदद से शिक्षक आसानी से पढ़ाई की सामग्री तैयार और मैनेज कर सकते हैं। साथ ही छात्रों के लिए वर्कशॉप (Workshops) और इनोवेशन चैलेंज (Innovation Challenges) भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि वे व्यावहारिक और भविष्य के लिए जरूरी कौशल विकसित कर सकें।

3D होलोग्राफिक लर्निंग का अनुभव

इस कैंपस की खास बात 3D होलोग्राफिक लर्निंग (3D Holographic Learning) है। इसके जरिए छात्र विजुअल मॉडल के साथ इंटरैक्ट कर सकते हैं, जिससे कठिन विषयों को समझना आसान हो जाता है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे कक्षा में रुचि बढ़ेगी और पढ़ाई ज्यादा व्यावहारिक बनेगी।

क्लासरूम से बाहर भी AI का उपयोग

AI का इस्तेमाल सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं है। कैंपस में AI आधारित अटेंडेंस सिस्टम (Attendance System) लगाया गया है। इसके अलावा स्मार्ट लाइब्रेरी (Smart Library) के जरिए किताबें और जर्नल ढूंढना आसान हो गया है।

कैंपस के डाइनिंग सिस्टम (Dining Services) में भी AI का उपयोग किया जा रहा है, जहां छात्र डिजिटल तरीके से मेन्यू देख सकते हैं, ऑर्डर कर सकते हैं और भुगतान कर सकते हैं।

पढ़ाई और रिसर्च में मदद

विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए AI आधारित सहयोगी टूल (AI Companions) भी शुरू किए हैं, जो रिसर्च, साहित्य समीक्षा (Literature Review) और प्लेजरिज्म जांच (Plagiarism Detection) में मदद करते हैं। इसके अलावा कैंपस सुरक्षा (Campus Safety) भी रियल-टाइम AI तकनीक से मॉनिटर की जा रही है।

बदलती शिक्षा की दिशा

भारत में AI शिक्षा को लेकर तेजी से रुचि बढ़ रही है। ऐसे में कई विश्वविद्यालय अपने पढ़ाने के तरीके और कैंपस सिस्टम को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं। आज के छात्र ऐसे संस्थान चाहते हैं, जहां उन्हें पढ़ाई के साथ नई तकनीकों का अनुभव भी मिले।

“Think Beyond” विजन के तहत जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी का लक्ष्य ऐसा माहौल बनाना है, जहां तकनीक सिर्फ एक विषय न होकर, रोजमर्रा की पढ़ाई का हिस्सा बन जाए।

Asmita Sarkar

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