
APG Shimla University में 8 मई से 14 मई 2026 तक श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ 2026 का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर स्थित मंदिर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने पूरे कैंपस को भक्ति, आध्यात्मिकता और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया है।
इस आयोजन में छात्र, शिक्षक, विश्वविद्यालय स्टाफ, श्रद्धालु, अतिथि और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान कथा प्रवचन, भजन-कीर्तन, कलश यात्रा, पूजा-अर्चना और प्रसाद सेवा जैसी धार्मिक गतिविधियां लगातार आयोजित की जा रही हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाना, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ना तथा सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
कलश यात्रा और भक्ति कार्यक्रम के साथ हुई शुरुआत
8 मई को कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक धार्मिक विधियों और कलश यात्रा के साथ हुई। उद्घाटन दिवस पर ठाकुर जी, पुराण और व्यास स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद शोभा यात्रा और कथा प्रवचन का आयोजन हुआ।
विश्वविद्यालय परिसर में पूरे दिन भजन, मंत्रोच्चार और सामूहिक प्रार्थनाओं का माहौल बना रहा। छात्र और श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
स्वामी श्री निवासाचार्य जी दे रहे आध्यात्मिक संदेश
कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन कथा प्रवचन परम श्रद्धेय Swami Shri Nivasacharya Ji द्वारा दिए जा रहे हैं। अपने प्रवचनों में वे भक्ति, आत्मअनुशासन, विनम्रता और कर्मयोग का महत्व समझा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में आध्यात्मिक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण लोगों को तनाव और नकारात्मकता से बाहर निकलने में मदद कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं से अनुशासन और मूल्यों के साथ जीवन जीने का संदेश भी दिया।
प्रवचनों में यह भी बताया गया कि भक्ति केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दया, अच्छे कर्म, संतुलित जीवन और मानसिक शांति से भी जुड़ी हुई है।
कैंपस में जारी हैं पूजा, आरती और प्रसाद सेवा
कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन सुबह मूल पाठ, पूजा-अर्चना, सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग इसमें भाग ले रहे हैं।
श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद सेवा और धार्मिक गतिविधियां सामाजिक एकता, विश्वास और सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश भी दे रही हैं।
शिक्षा के साथ आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों पर भी जोर
विश्वविद्यालय का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के भावनात्मक विकास, सकारात्मक व्यवहार और नैतिक शिक्षा को मजबूत करने में मदद करते हैं। यही वजह है कि अब कई शिक्षण संस्थान अकादमिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजनों को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
APG शिमला यूनिवर्सिटी का यह आयोजन भी छात्रों को भारतीय परंपराओं, आध्यात्मिक सोच और मूल्य आधारित जीवन से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




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