
भारत में मीडिया इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और इसी के साथ छात्रों के करियर विकल्प भी बदल रहे हैं। लंबे समय तक छात्रों को लगता था कि पत्रकारिता का मतलब केवल टीवी चैनल या अखबारों में काम करना है। लेकिन अब डिजिटल मीडिया, पॉडकास्ट, ओटीटी प्लेटफॉर्म, स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग, सोशल मीडिया स्ट्रेटेजी, फिल्ममेकिंग और कंटेंट क्रिएशन ने पूरी मीडिया इंडस्ट्री की तस्वीर बदल दी है। यही वजह है कि आज Bachelor of Journalism and Mass Communication यानी बीजेएमसी 12वीं के बाद सबसे लोकप्रिय कोर्सों में शामिल हो चुका है।
हालांकि कई छात्र एक बड़ी गलती कर बैठते हैं। वे केवल किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने पर ध्यान देते हैं, जबकि मीडिया शिक्षा में सही यूनिवर्सिटी चुनना उतना ही जरूरी होता है जितनी डिग्री खुद।
BJMC के लिए सही कॉलेज चुनना क्यों जरूरी है
मास कम्युनिकेशन पूरी तरह प्रैक्टिकल फील्ड है। इस क्षेत्र में छात्रों को सिर्फ किताबें पढ़ना ही नहीं बल्कि कैमरा, एडिटिंग, कंटेंट प्रोडक्शन और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसी स्किल्स भी सीखनी पड़ती हैं। छात्रों से उम्मीद की जाती है कि वे आत्मविश्वास के साथ बोल सकें, मीडिया प्रोडक्शन को समझें, पोर्टफोलियो तैयार करें और इंडस्ट्री के माहौल में काम करने की क्षमता विकसित करें।
ऐसे में जिन विश्वविद्यालयों में स्टूडियो, मीडिया लैब, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री एक्सपोजर की अच्छी सुविधा होती है, वहां छात्रों को ज्यादा मजबूत सीखने का माहौल मिलता है। यही कारण है कि अब छात्र सीमित संसाधनों वाले छोटे कॉलेजों की बजाय प्रतिष्ठित मीडिया यूनिवर्सिटी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर की मीडिया प्रवेश परीक्षाओं की बढ़ती लोकप्रियता
आज कई छात्र अलग-अलग कॉलेजों में आवेदन करते समय एडमिशन प्रक्रिया, पात्रता और स्कॉलरशिप को लेकर भ्रम का सामना करते हैं। इसी वजह से राष्ट्रीय स्तर की मीडिया प्रवेश परीक्षाएं लोकप्रिय हो रही हैं।
Global Media Common Entrance Test ऐसी ही एक प्रमुख प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए छात्र एक ही एंट्रेंस प्रक्रिया के माध्यम से कई भाग लेने वाली यूनिवर्सिटी में एडमिशन के अवसर तलाश सकते हैं।
जो छात्र पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया, ब्रॉडकास्टिंग या कम्युनिकेशन स्टडीज में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह प्रक्रिया एडमिशन को ज्यादा व्यवस्थित और आसान बनाती है। इससे छात्रों को कॉलेज चुनने से पहले कैंपस, कोर्स और करियर अवसरों की तुलना करने का मौका मिलता है।
BJMC और मीडिया कोर्स के लिए GMCET स्कोर स्वीकार करने वाले प्रमुख निजी विश्वविद्यालय
देश के कई प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालय और मीडिया संस्थान BJMC तथा मास कम्युनिकेशन प्रोग्राम में प्रवेश के लिए GMCET स्कोर स्वीकार करते हैं।
– Amity University, Mumbai
– Amity University, Lucknow
– Chandigarh University
– Bennett University
– Alliance University
– JECRC University
– Parul University
– Lovely Professional University
– RV University
– NSHM Knowledge Campus
– CMR University
– School of Broadcasting and Communication
केवल विज्ञापन देखकर कॉलेज चुनना पड़ सकता है भारी
कई छात्र केवल कम फीस, बड़े विज्ञापन या घर के नजदीक होने के आधार पर कॉलेज चुन लेते हैं। बाद में उन्हें पता चलता है कि वहां प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री एक्सपोजर की काफी कमी है।
एक मजबूत BJMC प्रोग्राम में न्यूज रूम गतिविधियां, कैमरा ट्रेनिंग, एंकरिंग प्रैक्टिस, वीडियो एडिटिंग, डिजिटल मीडिया लर्निंग और इंडस्ट्री इंटरैक्शन जैसी सुविधाएं होना बेहद जरूरी माना जाता है। बिना इन अनुभवों के छात्रों को प्रोफेशनल मीडिया इंडस्ट्री में शुरुआत करने में कठिनाई हो सकती है।
क्या भारत में BJMC अच्छा करियर विकल्प है?
जो छात्र कम्युनिकेशन, स्टोरीटेलिंग, मीडिया, क्रिएटिविटी और पब्लिक इंटरैक्शन में रुचि रखते हैं, उनके लिए BJMC एक मजबूत करियर विकल्प बनकर उभरा है। आज BJMC ग्रेजुएट डिजिटल जर्नलिज्म, टीवी प्रोडक्शन, विज्ञापन एजेंसियों, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, पब्लिक रिलेशन, फिल्ममेकिंग, स्पोर्ट्स मीडिया, पॉडकास्टिंग और कॉरपोरेट कम्युनिकेशन जैसे कई क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
भारत में तेजी से बढ़ती डिजिटल मीडिया और क्रिएटर इकॉनमी ने प्रशिक्षित कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स की मांग भी बढ़ा दी है।
छात्रों को क्या समझना चाहिए
आज BJMC सिर्फ पत्रकारिता की डिग्री नहीं रह गई है। यह डिजिटल मीडिया, ब्रांडिंग, कंटेंट स्ट्रेटेजी और ऑडियंस एंगेजमेंट से जुड़ा व्यापक कम्युनिकेशन प्रोग्राम बन चुका है। कॉलेज के दौरान मिलने वाला एक्सपोजर छात्रों के आत्मविश्वास, इंटर्नशिप और भविष्य के करियर पर सीधा असर डालता है।
इसी वजह से अब कई छात्र GMCET जैसे संरचित एडमिशन विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जहां उन्हें एक ही प्लेटफॉर्म पर कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी और मीडिया संस्थानों को समझने और तुलना करने का मौका मिलता है।




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