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Gujarati Cinema Shines at Cannes Film Festival; ‘Lalo – Krishna Sada Sahayate’ Carves a Special Niche

कान फिल्म फेस्टिवल में चमकी गुजराती सिनेमा की पहचान, ‘लालो- कृष्ण सदा सहायते’ ने बनाया खास मुकाम

Gujarati Cinema Shines at Cannes Film Festival; ‘Lalo – Krishna Sada Sahayate’ Carves a Special Niche

भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा लगातार वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी कड़ी में गुजराती फिल्म ‘लालो- कृष्ण सदा सहायते’ ने कान फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) में पहुंचकर नया इतिहास रच दिया है। यह उन चुनिंदा गुजराती फिल्मों में शामिल हो गई है जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। फिल्म की इस उपलब्धि को गुजराती सिनेमा के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

कान फिल्म फेस्टिवल में फिल्म की मौजूदगी ने न सिर्फ गुजरात की संस्कृति और कहानियों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाया, बल्कि भारतीय क्षेत्रीय फिल्मों की बढ़ती ताकत को भी सामने रखा। फिल्म की टीम ने इस उपलब्धि को दर्शकों के प्यार और समर्थन का परिणाम बताया है।

दर्शकों के समर्थन को बताया सबसे बड़ी ताकत

फिल्म के निर्माताओं ने कहा कि ‘लालो- कृष्ण सदा सहायते’ का सफर दर्शकों के भरोसे और प्यार के बिना संभव नहीं था। टीम के मुताबिक, किसी भी क्षेत्रीय फिल्म के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि होती है और यह पूरे गुजराती फिल्म उद्योग के लिए गर्व का क्षण है।

निर्देशक अंकित सखिया ने क्या कहा?

फिल्म के निर्देशक अंकित सखिया ने इस मौके को भावुक और गर्व भरा बताया। उन्होंने कहा कि कान फिल्म फेस्टिवल जैसे प्रतिष्ठित मंच पर ‘लालो’ का प्रतिनिधित्व करना पूरी टीम के लिए सम्मान की बात है।

उन्होंने अपने बयान में कहा कि उनकी भाषा, संस्कृति और स्थानीय कहानियां ही उन्हें इस मुकाम तक लेकर आई हैं। निर्देशक के अनुसार, फिल्म के जरिए गुजरात की संस्कृति की एक झलक दुनिया तक पहुंचाने का मौका मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कहानी भाषा और सीमाओं से आगे बढ़कर लोगों के दिलों को छूएगी।

निर्माताओं ने कही दिल की बात

फिल्म के निर्माता अजय पड़ारिया, जय व्यास और जिगर दलसानिया ने कहा कि शुरुआत से ही इस फिल्म को ऐसी कहानी के रूप में तैयार किया गया था जो हर वर्ग के दर्शकों से जुड़ सके।

निर्माताओं के मुताबिक, सिनेमा की असली ताकत तभी दिखाई देती है जब वह लोगों की भावनाओं तक पहुंचे। उनका कहना है कि ‘लालो’ को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही है।

जनवरी 2026 में रिलीज हुई थी फिल्म

फिल्म ‘लालो- कृष्ण सदा सहायते’ 9 जनवरी 2026 को रिलीज हुई थी। फिल्म में रीवा रच, श्रुहद गोस्वामी और करण जोशी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए हैं।

फिल्म की अंतरराष्ट्रीय पहचान को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में गुजराती सिनेमा को वैश्विक प्लेटफॉर्म पर और ज्यादा अवसर मिल सकते हैं। भारतीय क्षेत्रीय फिल्मों के लिए यह उपलब्धि एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, जहां स्थानीय कहानियां अब दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंच रही हैं।

 

 

 

 

 

Asmita Sarkar

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