
अगर आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन या कनाडा जैसे दूर देशों की बजाय एशिया में बेहतर विकल्प तलाश रहे हैं, तो सिंगापुर आपके लिए शानदार मौका बन सकता है। खासतौर पर भारतीय छात्रों के बीच अब सिंगापुर तेजी से लोकप्रिय स्टडी डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। यहां की विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटीज, सुरक्षित माहौल और मजबूत जॉब मार्केट छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं।
इसी बीच National University of Singapore यानी NUS ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए अपनी प्रतिष्ठित International Undergraduate Scholarship की घोषणा की है। यह स्कॉलरशिप उन छात्रों को दी जाएगी जो यूनिवर्सिटी में बैचलर्स प्रोग्राम में एडमिशन लेंगे।
QS World University Rankings में NUS दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज में शामिल है और वर्तमान में 8वें स्थान पर मौजूद है। ऐसे में भारतीय छात्रों के लिए यह स्कॉलरशिप उच्च गुणवत्ता वाली अंतरराष्ट्रीय शिक्षा हासिल करने का बड़ा अवसर मानी जा रही है।
सिर्फ फीस नहीं, रहने और खाने का खर्च भी होगा कवर
NUS की यह स्कॉलरशिप पूरी तरह फंडेड है। इसका मतलब है कि छात्रों को केवल ट्यूशन फीस में राहत ही नहीं मिलेगी, बल्कि रहने, खाने और अन्य जरूरी खर्चों के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
स्कॉलरशिप के तहत छात्रों की 100 प्रतिशत सब्सिडाइज्ड ट्यूशन फीस कवर की जाएगी। इसके अलावा हर साल 5,800 सिंगापुर डॉलर खाने के खर्च के लिए दिए जाएंगे। रहने के लिए 5,000 सिंगापुर डॉलर का वार्षिक भत्ता भी मिलेगा।
यूनिवर्सिटी एडमिशन के समय छात्रों को कंप्यूटर खरीदने के लिए 1,750 सिंगापुर डॉलर का वन-टाइम अलाउंस भी देगी। भारतीय मुद्रा में देखें तो यह सहायता लाखों रुपये तक पहुंचती है, जिससे छात्रों पर आर्थिक बोझ काफी कम हो सकता है।
ट्यूशन ग्रांट से जुड़ी है खास शर्त
हालांकि छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि ट्यूशन फीस में मिलने वाली सब्सिडी सिंगापुर सरकार के “ट्यूशन ग्रांट” प्रोग्राम के तहत दी जाएगी। इस योजना की एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद छात्रों को कम से कम तीन साल तक किसी सिंगापुर-रजिस्टर्ड कंपनी में काम करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शर्त छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्य अनुभव हासिल करने का अच्छा अवसर भी बन सकती है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस स्कॉलरशिप के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है। छात्र का अकादमिक रिकॉर्ड मजबूत होना चाहिए और 12वीं बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक होने चाहिए।
यूनिवर्सिटी केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि छात्र की ओवरऑल प्रोफाइल पर भी ध्यान देती है। स्पोर्ट्स, डिबेट, सोशल वर्क और अन्य एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों में भागीदारी को भी महत्व दिया जाता है। इसके अलावा छात्रों में लीडरशिप क्षमता होना भी जरूरी माना गया है।
अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं
NUS International Undergraduate Scholarship की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता। जब कोई छात्र NUS में बैचलर्स प्रोग्राम के लिए आवेदन करता है, तो उसी आवेदन के आधार पर उसे स्कॉलरशिप के लिए भी स्वतः विचार किया जाता है।
शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को ईमेल के जरिए इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। ये इंटरव्यू आमतौर पर जनवरी से जुलाई के बीच आयोजित किए जाते हैं। स्कॉलरशिप के अंतिम परिणाम जुलाई के मध्य तक घोषित कर दिए जाते हैं।
जो छात्र एशिया में विश्वस्तरीय शिक्षा, बेहतर रिसर्च माहौल और अंतरराष्ट्रीय करियर अवसर तलाश रहे हैं, उनके लिए NUS की यह स्कॉलरशिप एक मजबूत विकल्प बन सकती है।




Add comment