
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा निदेशालय ने 23,213 रिक्त पदों का रिक्विजिशन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज को भेज दिया है। इसके बाद राज्य में माध्यमिक स्कूलों में नई भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।
शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कार्यालय, प्रयागराज की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के हजारों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। अब इन पदों को सीधी भर्ती प्रक्रिया के जरिए भरने की तैयारी की जा रही है।
4500 से ज्यादा स्कूलों का डेटा आयोग को भेजा गया
शिक्षा विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 4512 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें से 4479 स्कूलों का पूरा विवरण जुटाकर आयोग को भेज दिया गया है।
जिलों से तय प्रारूप में जानकारी मंगाई गई थी, जिसके आधार पर रिक्त पदों का अंतिम डेटा तैयार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में आसानी होगी और पदों का सही आंकड़ा उपलब्ध रहेगा।
किन पदों पर होगी भर्ती?
इस भर्ती अभियान के तहत अलग-अलग पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। सबसे ज्यादा पद सहायक अध्यापकों के लिए हैं।
प्रधानाचार्य के 1502 पद, प्रधानाध्यापक के 1003 पद, प्रवक्ता के 2705 पद और सहायक अध्यापक के 16,114 पदों पर भर्ती की तैयारी है। इसके अलावा संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के 1889 पद भी भरे जाएंगे।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह भर्ती राज्य के माध्यमिक शिक्षा तंत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि लंबे समय से बड़ी संख्या में पद खाली चल रहे थे।
खाली पदों से पढ़ाई पर पड़ रहा था असर
स्कूलों में शिक्षकों की कमी का असर सीधे छात्रों की पढ़ाई पर देखने को मिल रहा था। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को अलग-अलग विषय पढ़ाने पड़ रहे थे। गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
वहीं प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पद खाली होने से प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा था। कई जगह परीक्षा संचालन, टाइम टेबल और स्कूल प्रबंधन से जुड़े कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे थे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि नई भर्तियों के बाद स्कूलों में विषयवार शिक्षक उपलब्ध होंगे, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर हो सकेगी।
भर्ती प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर जोर
इस बार भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) लखनऊ द्वारा तैयार किए गए ई-रिक्विजिशन पोर्टल पर रिक्त पदों का डेटा ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है।
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और भविष्य में किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कत कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल अभ्यर्थियों को भर्ती विज्ञापन जारी होने का इंतजार है। शिक्षा विभाग और आयोग की ओर से जल्द ही आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और चयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी जारी की जा सकती है।




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