
शिमला यूनिवर्सिटी यानी Shimla University (APG) ने NextGen के सहयोग से मैनेजमेंट और कॉमर्स के छात्रों के लिए एक इंडस्ट्री इंटरवेंशन सेशन का सफल आयोजन किया। यह विशेष सत्र 13 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित किया गया। सेशन को असिस्टेंट कमिश्नर स्टेट टैक्सेज एंड एक्साइज-कम-एनफोर्समेंट और नोडल ऑफिसर, जिला शिमला पूनम ठाकुर ने संबोधित किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को टैक्सेशन, बिजनेस ऑपरेशंस और एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी देना था, ताकि वे इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों और प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझ सकें।
टैक्सेशन और बिजनेस मैनेजमेंट पर हुई विस्तृत चर्चा
यूनिवर्सिटी के अनुसार, इस सेशन में बिजनेस टैक्सेशन और उद्यमिता से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को आसान और व्यावहारिक तरीके से समझाया गया। कार्यक्रम के दौरान GST और बिजनेस टैक्सेशन से जुड़े अहम पहलुओं पर चर्चा की गई, जिनमें टैक्स भुगतान, ब्याज और पेनल्टी, टैक्स भुगतान में देरी, TDS और TCS जैसे विषय शामिल रहे।
इसके अलावा एडवांस टैक्स, सेल्फ असेसमेंट और प्रोविजनल असेसमेंट की प्रक्रिया को भी छात्रों के सामने विस्तार से रखा गया। सेशन का फोकस सिर्फ थ्योरी तक सीमित नहीं था, बल्कि यह बताया गया कि ये नियम वास्तविक बिजनेस संचालन और रोजमर्रा के निर्णयों में किस तरह लागू होते हैं।
छात्रों को मिला इंडस्ट्री का प्रैक्टिकल अनुभव
कार्यक्रम के दौरान एंटरप्रेन्योरशिप और स्मॉल इंडस्ट्री मैनेजमेंट से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। इसमें वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट, इन्वेंटरी मैनेजमेंट, प्रोडक्शन मैनेजमेंट और ऑपरेशंस मैनेजमेंट जैसे अहम पहलुओं को समझाया गया।
इस सहयोगात्मक सेशन का उद्देश्य छात्रों को यह समझाना था कि वास्तविक कारोबारी माहौल में टैक्सेशन सिस्टम और ऑपरेशनल डिसीजन मेकिंग किस तरह काम करती है। इससे छात्रों को इंडस्ट्री से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों और बिजनेस प्रक्रियाओं की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिली।
इंडस्ट्री-ओरिएंटेड एजुकेशन पर बढ़ रहा जोर
वर्तमान समय में उच्च शिक्षा संस्थान इंडस्ट्री-ओरिएंटेड एजुकेशन पर लगातार फोकस कर रहे हैं। इसी दिशा में विश्वविद्यालय विशेषज्ञों द्वारा संचालित ऐसे अकादमिक सेशन आयोजित कर रहे हैं, ताकि छात्रों के बीच क्लासरूम लर्निंग और प्रोफेशनल अनुभव के अंतर को कम किया जा सके।
शिमला यूनिवर्सिटी (APG) में आयोजित यह इंडस्ट्री इंटरवेंशन सेशन छात्रों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। इससे उन्हें टैक्सेशन सिस्टम, फाइनेंशियल प्रोसेस और एंटरप्रेन्योरशिप मैनेजमेंट की वास्तविक समझ हासिल करने का अवसर मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि मैनेजमेंट और कॉमर्स शिक्षा में इस तरह की पहल छात्रों को सिर्फ अकादमिक ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि उन्हें भविष्य की प्रोफेशनल चुनौतियों के लिए भी तैयार करती है।




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