
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की घोषणा की है। एजेंसी ने मंगलवार को जारी प्रेस रिलीज में बताया कि अब परीक्षा संचालन को अधिक सुरक्षित, तकनीकी रूप से मजबूत और जवाबदेह बनाने के लिए कई अहम बदलाव लागू किए जा रहे हैं।
पिछले कुछ समय में मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली की समीक्षा के लिए एक हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी गठित की थी। एनटीए का कहना है कि अब उसी समिति की सिफारिशों के आधार पर एजेंसी के प्रशासनिक ढांचे, तकनीकी व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देशभर में होने वाली बड़ी परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित हों।
NTA में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति
एनटीए ने जानकारी दी है कि केंद्र सरकार के चार वरिष्ठ अधिकारियों की एजेंसी में नियुक्ति की गई है। इनमें दो अधिकारी संयुक्त सचिव स्तर के हैं, जिन्हें अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं दो अन्य अधिकारी निदेशक स्तर के होंगे।
एजेंसी के मुताबिक, अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती से परीक्षा संचालन की क्षमता बढ़ेगी और फैसले लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। सरकार का फोकस अब परीक्षा प्रबंधन को केवल प्रशासनिक स्तर पर नहीं बल्कि तकनीकी और संस्थागत रूप से भी मजबूत करने पर है।
CTO, CFO और GM-HR जैसे अहम पदों पर भर्ती
एनटीए ने तीन महत्वपूर्ण विशेषज्ञ पदों के लिए आवेदन भी आमंत्रित किए हैं। इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO), चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) और जनरल मैनेजर-ह्यूमन रिसोर्स (GM-HR) शामिल हैं।
इन पदों के जरिए एजेंसी अपने तकनीकी, वित्तीय और मानव संसाधन प्रबंधन को पेशेवर स्तर पर मजबूत करना चाहती है।
परीक्षा सुरक्षा में CTO की होगी बड़ी भूमिका
चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर परीक्षा प्रणाली को डिजिटल और सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसमें प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल एग्जाम सिस्टम और तकनीकी निगरानी शामिल होगी।
इसके अलावा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन और एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि फर्जीवाड़ा और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
वित्तीय और मानव संसाधन व्यवस्था पर भी फोकस
चीफ फाइनेंस ऑफिसर परीक्षा से जुड़े वित्तीय प्रबंधन, ऑडिट और लेखा प्रणाली की निगरानी करेंगे। वहीं GM-HR एजेंसी के कर्मचारियों की ट्रेनिंग, मानव संसाधन नीति और कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने का काम देखेंगे।
एनटीए का मानना है कि केवल तकनीकी बदलाव पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि संस्थान के भीतर कार्यप्रणाली और जवाबदेही को मजबूत करना भी जरूरी है।
AI आधारित निगरानी और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल
एजेंसी ने बताया कि आने वाले समय में प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े सभी चरणों में तकनीकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही AI आधारित निगरानी, डेटा एनालिटिक्स और रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
इसका मकसद परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी की पहचान पहले से करना और उसे रोकना है। एनटीए उम्मीदवारों की शिकायतों के समाधान और संवाद व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की तैयारी कर रही है।
शिक्षा मंत्रालय की निगरानी में लागू होंगे सुधार
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि ये सभी सुधार शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा विभाग की निगरानी में लागू किए जा रहे हैं। एजेंसी का दावा है कि इन कदमों से परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन सुधारों को प्रभावी तरीके से लागू किया गया तो आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा के स्तर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।




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