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फायर फाइटिंग में करियर: बढ़ती आग की घटनाओं के बीच युवाओं के लिए उभर रहा बड़ा रोजगार क्षेत्र

फायर फाइटिंग में करियर: बढ़ती आग की घटनाओं के बीच युवाओं के लिए उभर रहा बड़ा रोजगार क्षेत्र

फायर फाइटिंग में करियर: बढ़ती आग की घटनाओं के बीच युवाओं के लिए उभर रहा बड़ा रोजगार क्षेत्र

दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित फर्नीचर मार्केट में हाल ही में लगी भीषण आग ने एक बार फिर बड़े शहरों में बढ़ते अग्निकांड के खतरे को सामने ला दिया। लगातार बढ़ती गर्मी, बिजली के ओवरलोड, औद्योगिक गतिविधियों और सुरक्षा मानकों में लापरवाही के कारण देशभर में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसका असर केवल मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पहाड़ी राज्यों में भी जंगलों और रिहायशी क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ी हैं।

इन चुनौतियों के बीच फायर फाइटिंग और फायर सेफ्टी सेक्टर तेजी से रोजगार का बड़ा विकल्प बनकर उभर रहा है। इंडस्ट्री, एयरपोर्ट, मेट्रो, मॉल, अस्पताल, होटल और बड़े आवासीय प्रोजेक्ट्स में अब प्रशिक्षित फायर सेफ्टी प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। तकनीकी जानकारी, फिटनेस और जोखिम भरे हालात में काम करने का साहस रखने वाले युवाओं के लिए यह क्षेत्र मजबूत करियर विकल्प साबित हो सकता है।

Fire Fighting सेक्टर में क्यों बढ़ रही है मांग

सरकार और निजी कंपनियां अब सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से ज्यादा गंभीर हो गई हैं। नेशनल बिल्डिंग कोड और इंडस्ट्रियल सेफ्टी नियमों के तहत बड़ी इमारतों, फैक्ट्रियों और सार्वजनिक स्थलों पर फायर सेफ्टी सिस्टम अनिवार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में प्रशिक्षित फायर एंड सेफ्टी एक्सपर्ट्स की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

फायर फाइटिंग प्रोफेशनल्स केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे जोखिम का आकलन, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा प्रशिक्षण और इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी संभालते हैं।

कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं छात्र

बारहवीं के बाद छात्र फायर एंड सेफ्टी से जुड़े कई प्रोफेशनल कोर्स चुन सकते हैं। इनमें डिप्लोमा से लेकर डिग्री और पीजी डिप्लोमा तक के विकल्प उपलब्ध हैं। प्रमुख कोर्सों में डिप्लोमा इन फायर फाइटिंग, डिप्लोमा इन हेल्थ, सेफ्टी एंड एनवायरमेंट, बीएससी इन फायर इंजीनियरिंग, पीजी डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग और फायर टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट शामिल हैं।

इन कोर्सों की अवधि लगभग छह महीने से तीन वर्ष तक हो सकती है। कई संस्थान थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी देते हैं, जिससे छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करने की समझ मिलती है।

प्रवेश के लिए क्या योग्यता जरूरी है

डिप्लोमा और डिग्री कोर्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवार का बारहवीं पास होना जरूरी है। अधिकांश संस्थानों में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषयों के साथ कम से कम 50 प्रतिशत अंक मांगे जाते हैं। कुछ संस्थान प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर एडमिशन देते हैं।

फायर फाइटिंग क्षेत्र में शारीरिक फिटनेस को भी काफी महत्व दिया जाता है। आमतौर पर पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 165 सेंटीमीटर और महिलाओं के लिए 157 सेंटीमीटर निर्धारित की जाती है। अच्छी दृष्टि, तेजी से निर्णय लेने की क्षमता, मानसिक मजबूती और टीमवर्क इस क्षेत्र की अहम जरूरतें हैं।

इन संस्थानों से कर सकते हैं पढ़ाई

देश के कई सरकारी और निजी संस्थान फायर एंड सेफ्टी से जुड़े कोर्स संचालित कर रहे हैं। प्रमुख संस्थानों में Indira Gandhi National Open University, Jamia Millia Islamia और Delhi College of Fire Safety Engineering शामिल हैं।

इसके अलावा कई राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय और प्राइवेट इंस्टीट्यूट भी इंडस्ट्रियल सेफ्टी और डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़े कोर्स उपलब्ध करा रहे हैं।

सरकारी और निजी क्षेत्र में मिलते हैं मौके

फायर एंड सेफ्टी प्रोफेशनल्स के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं। ऑयल एंड गैस कंपनियां, पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री, एयरपोर्ट, रेलवे, मेट्रो, पोर्ट, शिपिंग सेक्टर, पावर प्लांट, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और सरकारी फायर सर्विस विभाग में इनकी भारी मांग रहती है।

अनुभव के आधार पर युवा फायर ऑफिसर, सेफ्टी इंजीनियर, रिस्क मैनेजर, सेफ्टी ऑडिटर और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्सपर्ट जैसे पदों पर काम कर सकते हैं। कई प्रोफेशनल्स आगे चलकर सेफ्टी कंसल्टेंट और ट्रेनर के रूप में भी करियर बनाते हैं।

सैलरी और करियर ग्रोथ कैसी है

शुरुआती स्तर पर फायर एंड सेफ्टी प्रोफेशनल्स को लगभग 25 हजार से 40 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिल सकता है। इंडस्ट्री अनुभव और स्पेशलाइजेशन बढ़ने के साथ यह पैकेज तेजी से बढ़ता है। विदेशों, खासकर खाड़ी देशों में भी भारतीय फायर एंड सेफ्टी विशेषज्ञों की अच्छी मांग रहती है।

बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों और सुरक्षा नियमों के सख्त होने के कारण आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र और तेजी से विस्तार कर सकता है। ऐसे में तकनीकी शिक्षा और फिटनेस के साथ तैयार युवा इस सेक्टर में मजबूत और स्थिर करियर बना सकते हैं।

Asmita Sarkar

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