Edinbox Hindi
NDT Engineering में बनाएं करियर, बिना मशीन को नुकसान पहुंचाए होती है टेस्टिंग, देश-विदेश में बढ़ रही डिमांड

NDT Engineering में बनाएं करियर, बिना मशीन को नुकसान पहुंचाए होती है टेस्टिंग, देश-विदेश में बढ़ रही डिमांड

NDT Engineering में बनाएं करियर, बिना मशीन को नुकसान पहुंचाए होती है टेस्टिंग, देश-विदेश में बढ़ रही डिमांड

आज के समय में इंजीनियरिंग सिर्फ पारंपरिक ब्रांच तक सीमित नहीं रह गई है। टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के साथ कई नए और स्पेशलाइज्ड करियर विकल्प तेजी से उभर रहे हैं। इन्हीं में से एक है NDT Engineering यानी Non-Destructive Testing Engineering। यह ऐसा तकनीकी क्षेत्र है, जहां मशीनों, पाइपलाइन, उपकरणों और धातु के पार्ट्स की जांच बिना किसी नुकसान के की जाती है। इंडस्ट्री में सुरक्षा और क्वालिटी की बढ़ती जरूरत के कारण इस फील्ड की मांग लगातार बढ़ रही है।

NDT यानी Non-Destructive Testing एक ऐसी टेस्टिंग तकनीक है, जिसमें किसी मशीन या मटेरियल की अंदरूनी स्थिति की जांच की जाती है, लेकिन जांच के दौरान उस वस्तु को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। इस तकनीक के जरिए दरार, जंग, कमजोरी या अन्य तकनीकी खामियों का पता लगाया जाता है। यही कारण है कि यह तकनीक उन इंडस्ट्रीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहां सुरक्षा और गुणवत्ता सबसे ज्यादा जरूरी होती है।

NDT में कई आधुनिक टेस्टिंग तकनीकों का उपयोग किया जाता है। इनमें Ultrasonic Testing (UT), Radiographic Testing (RT), Magnetic Particle Testing (MT), Liquid Penetrant Testing (PT) और Visual Testing (VT) प्रमुख हैं। इन तकनीकों की मदद से मशीनों और धातु के हिस्सों की गुणवत्ता की जांच की जाती है और संभावित खराबियों को समय रहते पहचाना जा सकता है।

भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी NDT प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऑयल और गैस रिफाइनरी, पाइपलाइन इंडस्ट्री, थर्मल और न्यूक्लियर पावर प्लांट, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इस फील्ड के विशेषज्ञों की जरूरत लगातार बनी रहती है। बड़े उद्योगों में मशीनों और संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए NDT विशेषज्ञ अहम भूमिका निभाते हैं।

इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BTech या डिप्लोमा करने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा साइंस बैकग्राउंड वाले BSc छात्र और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उम्मीदवार भी NDT कोर्स कर सकते हैं। NDT में मुख्य रूप से Level 1, Level 2 और Level 3 सर्टिफिकेशन दिए जाते हैं, जो उम्मीदवार की विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर तय होते हैं।

भारत में कई संस्थान NDT ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन कोर्स उपलब्ध करा रहे हैं। इनमें TRINITY NDT Bengaluru, IMech Institute Hyderabad और National Inspection & Testing Services (NITS) जैसे संस्थान प्रमुख माने जाते हैं। इन कोर्स के जरिए छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मैकेनिकल इंजीनियरिंग के साथ NDT सर्टिफिकेशन किया जाए तो Quality Assurance (QA) और Quality Control (QC) विभाग में नौकरी के बेहतर अवसर मिलते हैं। शुरुआती स्तर पर भी अच्छी सैलरी मिलती है और अनुभव बढ़ने के साथ आय लाखों रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है।

विदेशों में भी इस फील्ड की मांग काफी अधिक है। खासकर Gulf Countries, अमेरिका और यूरोप में ऑयल-गैस, एयरोस्पेस और पावर सेक्टर में ASNT और PCN Certified NDT Professionals को आकर्षक सैलरी पैकेज दिए जाते हैं। यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और इंजीनियर इस क्षेत्र को करियर विकल्प के रूप में चुन रहे हैं।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed