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कैम्ब्रिज में फिजिक्स और मैथ्स पेपर लीक के बाद कई परीक्षाएं रद्द, भारत समेत कई देशों के छात्र प्रभावित

कैम्ब्रिज में फिजिक्स और मैथ्स पेपर लीक के बाद कई परीक्षाएं रद्द, भारत समेत कई देशों के छात्र प्रभावित

कैम्ब्रिज में फिजिक्स और मैथ्स पेपर लीक के बाद कई परीक्षाएं रद्द, भारत समेत कई देशों के छात्र प्रभावित

भारत में NEET पेपर लीक को लेकर चल रही बहस के बीच अब ब्रिटेन की प्रतिष्ठित ए-लेवल परीक्षा भी विवादों में आ गई है। कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन (Cambridge International Education) ने फिजिक्स और मैथमैटिक्स के प्रश्न पत्र ऑनलाइन लीक होने के आरोपों के बाद कई परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इस फैसले का असर भारत, पाकिस्तान, यूएई समेत कई देशों के हजारों छात्रों पर पड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 20 मई को आयोजित फिजिक्स परीक्षा का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया था। इसके बाद कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन ने मामले की जांच शुरू की और प्रभावित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया।

क्या होती है A-Level परीक्षा?

A-Level यानी एडवांस्ड लेवल परीक्षा ब्रिटेन की सीनियर सेकेंडरी शिक्षा प्रणाली का हिस्सा है। आमतौर पर 16 से 19 वर्ष के छात्र यह परीक्षा देते हैं। दुनिया के कई देशों में विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए A-Level स्कोर को महत्वपूर्ण माना जाता है।

कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन के माध्यम से हर साल लाखों छात्र विभिन्न विषयों की परीक्षाएं देते हैं। भारत समेत एशिया और मध्य पूर्व के कई देशों में भी इसकी बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र मौजूद हैं।

फिजिक्स और मैथ्स पेपर पर उठे सवाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिजिक्स का प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया था। इसके बाद बोर्ड ने माना कि पेपर की गोपनीयता प्रभावित हुई है। इसी तरह अप्रैल में आयोजित कैम्ब्रिज इंटरनेशनल AS Level Mathematics परीक्षा को लेकर भी पेपर लीक की शिकायतें सामने आई थीं।

अधिकारियों ने बताया कि 29 अप्रैल को हुई मैथ्स परीक्षा का पेपर इतने बड़े स्तर पर शेयर किया गया कि उसके आधार पर निष्पक्ष रिजल्ट जारी करना संभव नहीं था। इसी वजह से उस पेपर को भी रद्द करने का फैसला लिया गया।

प्रभावित छात्रों को कैसे मिलेंगे नंबर?

कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन ने कहा है कि जिन परीक्षाओं को रद्द किया गया है, उनमें छात्रों को सिलेबस के बाकी हिस्सों में उनके प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाएंगे। बोर्ड ने यह भी कहा कि प्रभावित छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जा रही है।

बोर्ड के अनुसार, आगामी परीक्षाओं के लिए फिजिक्स का प्रश्न पत्र बदल दिया गया है ताकि आगे किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

जांच जारी, कंप्यूटर साइंस पेपर पर भी सवाल

फिजिक्स और मैथ्स के अलावा कंप्यूटर साइंस परीक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। खबरों के मुताबिक, कंप्यूटर साइंस का एक यूनिट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन शेयर किया गया था। हालांकि बोर्ड ने इस मामले में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन जांच जारी है।

12 मई को कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन ने छात्रों और अभिभावकों को अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और कई ऑनलाइन पेजों पर फर्जी या कथित लीक पेपर फैलाए जा रहे हैं। बोर्ड ने छात्रों को ऐसे दावों से सावधान रहने की सलाह दी थी।

परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने अंतरराष्ट्रीय परीक्षा प्रणालियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत में NEET और अब ब्रिटेन की A-Level परीक्षा में हुई गड़बड़ियों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत बनाने की जरूरत है। साथ ही सोशल मीडिया पर फर्जी पेपर बेचने वाले नेटवर्क्स पर सख्त कार्रवाई भी जरूरी हो गई है।

फिलहाल छात्र अब बोर्ड की अगली घोषणा और संशोधित मूल्यांकन प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

Asmita Sarkar

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