
गणपत यूनिवर्सिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने Maritime Skill Conclave 2026 आयोजित करने की घोषणा की है। यह एक बड़ा इंडस्ट्री-केंद्रित कार्यक्रम होगा, जिसमें समुद्री क्षेत्र से जुड़े पेशेवर, नीति निर्माता, शिक्षाविद, कॉरपोरेट प्रतिनिधि और उद्योग विशेषज्ञ एक साथ शामिल होकर वैश्विक समुद्री उद्योग के भविष्य पर चर्चा करेंगे।
यह कॉन्क्लेव 6 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से मुंबई के द लीला होटल में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य समुद्री शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, तकनीकी नवाचार और इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना है।
समुद्री उद्योग के भविष्य पर रहेगा फोकस
इस कार्यक्रम की थीम “5Ts Shaping the Future of Maritime: Talent, Technology, Transition, Trade and Transformation” रखी गई है। कॉन्क्लेव में समुद्री उद्योग से जुड़े उन महत्वपूर्ण बदलावों पर चर्चा होगी, जो आज वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स को प्रभावित कर रहे हैं।
इस दौरान शिपिंग ट्रेंड्स, समुद्री कौशल विकास, स्थिरता, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नई तकनीकों जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमेशन, पर्यावरणीय नियमों और तकनीकी बदलावों के दौर में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार करना उद्योग की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।
उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञ होंगे शामिल
आयोजकों के अनुसार, Maritime Skill Conclave 2026 में कीनोट स्पीच, एक्सपर्ट पैनल डिस्कशन, लीडरशिप इंटरैक्शन और रणनीतिक चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इन चर्चाओं का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों और भविष्य के अवसरों पर विचार करना है।
कार्यक्रम में समुद्री उद्योग से जुड़े पेशेवरों, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के प्रतिनिधियों, नीति विशेषज्ञों, शिक्षण संस्थानों, कॉरपोरेट सेक्टर, शोधकर्ताओं और छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। यह मंच उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का अवसर भी प्रदान करेगा।
इन विषयों पर होगी विशेष चर्चा
कॉन्क्लेव के दौरान कई महत्वपूर्ण विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे। इनमें मरीन इंजीनियरिंग, नॉटिकल साइंस, समुद्री कार्यबल विकास, शिपिंग में तकनीक का उपयोग, टिकाऊ समुद्री प्रक्रियाएं, ट्रेड और लॉजिस्टिक्स ट्रांसफॉर्मेशन, समुद्री करियर में महिलाओं की भागीदारी और इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग जैसे मुद्दे शामिल हैं।
विशेषज्ञ अगली पीढ़ी के समुद्री पेशेवरों के लिए जरूरी स्किल्स की पहचान और बेहतर वर्कफोर्स तैयार करने के उपायों पर भी चर्चा करेंगे।
समुद्री शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा
गणपत यूनिवर्सिटी का कहना है कि इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य शिक्षा जगत और उद्योग के बीच मजबूत संबंध बनाना है, ताकि ऐसे प्रशिक्षित पेशेवर तैयार किए जा सकें जो समुद्री क्षेत्र की बदलती जरूरतों को पूरा कर सकें।
भारत तेजी से वैश्विक व्यापार, शिपिंग और समुद्री सेवाओं के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री शिक्षा, विशेष प्रशिक्षण और इंडस्ट्री सहयोग में निवेश भविष्य की आर्थिक वृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
भविष्य के लिए तैयार होगी समुद्री कार्यबल
समुद्री उद्योग से जुड़े प्रमुख संगठनों और पार्टनर्स के सहयोग से आयोजित होने वाला यह कॉन्क्लेव समुद्री करियर, तकनीकी नवाचार और टिकाऊ इंडस्ट्री प्रैक्टिसेज पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बनने की उम्मीद है।
आयोजकों ने उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों को इस कार्यक्रम में शामिल होने और समुद्री क्षेत्र के भविष्य को आकार देने वाली चर्चाओं का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है।




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