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केरल में स्कूल खुलते ही साइबर सुरक्षा की शपथ लेंगे छात्र, ऑनलाइन खतरों से बचाव पर रहेगा फोकस

केरल में स्कूल खुलते ही साइबर सुरक्षा की शपथ लेंगे छात्र, ऑनलाइन खतरों से बचाव पर रहेगा फोकस

केरल में स्कूल खुलते ही साइबर सुरक्षा की शपथ लेंगे छात्र, ऑनलाइन खतरों से बचाव पर रहेगा फोकस

केरल में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत इस बार सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगी। 1 जून को स्कूल खुलने के साथ ही राज्य भर के लाखों छात्र साइबर सुरक्षा की शपथ लेंगे। इस विशेष पहल का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया में मौजूद खतरों के प्रति जागरूक बनाना और उनमें सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार की आदत विकसित करना है।

यह अभियान केरल पुलिस के साइबर विंग द्वारा संचालित ‘किड ग्लव प्रोजेक्ट’ के तहत चलाया जा रहा है। परियोजना का मुख्य लक्ष्य बच्चों को इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से उपयोग करना सिखाना है, ताकि वे साइबर अपराधों और ऑनलाइन जोखिमों से खुद को सुरक्षित रख सकें।

स्कूल खुलते ही दिलाई जाएगी साइबर सुरक्षा की शपथ

राज्य पुलिस मुख्यालय के अनुसार, 1 जून को स्कूलों के पहले दिन सभी सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को इंटरनेट पर मौजूद संभावित खतरों और उनके प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को कम उम्र से ही सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की आदत सिखाना समय की जरूरत है। आज के दौर में पढ़ाई, मनोरंजन और सामाजिक संपर्क का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन माध्यमों से हो रहा है, ऐसे में डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

बच्चों को सिखाए जाएंगे सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के नियम

किड ग्लव प्रोजेक्ट के तहत छात्रों को साइबर सुरक्षा के कई महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। इसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, फर्जी खबरों की पहचान, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और इंटरनेट की लत से बचाव जैसे विषय शामिल हैं।

इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े संभावित जोखिमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदार व्यवहार के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल चेतावनी देना नहीं, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक तरीके से सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनने के लिए तैयार करना है।

शिक्षकों और अभिभावकों को भी मिलेगा प्रशिक्षण

इस पहल में केवल छात्रों को ही नहीं बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग के सहयोग से उन्हें बुनियादी साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए बेहतर मार्गदर्शन दे सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए स्कूल, परिवार और प्रशासन के बीच समन्वय आवश्यक है। इसी सोच के तहत इस परियोजना को व्यापक रूप दिया गया है।

रोचक गतिविधियों के जरिए बढ़ाई जाएगी जागरूकता

छात्रों की रुचि बनाए रखने के लिए कार्यक्रम में क्विज, इंटरैक्टिव सत्र और अन्य जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़े विषयों को आसान और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने सभी शिक्षा अधिकारियों को परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं, ताकि यह पहल जमीनी स्तर पर सफल हो सके।

डिजिटल युग में बढ़ती जरूरत

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों और किशोरों का स्क्रीन टाइम लगातार बढ़ रहा है। ऑनलाइन शिक्षा, सोशल मीडिया और डिजिटल मनोरंजन के बढ़ते उपयोग के कारण साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह बच्चों की समग्र सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

ऐसे समय में केरल की यह पहल डिजिटल जागरूकता को स्कूल शिक्षा का हिस्सा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे छात्रों को सुरक्षित ऑनलाइन आदतें विकसित करने और साइबर खतरों को पहचानने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Asmita Sarkar

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