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VGU Jaipur और AIFSET का विशेष फोरेंसिक साइंस कार्यक्रम, करियर चुनने से पहले मिलेगा वास्तविक अनुभव

VGU Jaipur और AIFSET का विशेष फोरेंसिक साइंस कार्यक्रम, करियर चुनने से पहले मिलेगा वास्तविक अनुभव

VGU Jaipur और AIFSET का विशेष फोरेंसिक साइंस कार्यक्रम, करियर चुनने से पहले मिलेगा वास्तविक अनुभव

आज के समय में छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक सही करियर का चुनाव है। अक्सर छात्र किसी कोर्स का चयन केवल जानकारी, सलाह या ऑनलाइन रिसर्च के आधार पर कर लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें महसूस होता है कि वह क्षेत्र उनकी रुचि या अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (VGU), जयपुर और ऑल इंडिया फॉरेंसिक साइंस एंट्रेंस टेस्ट (AIFSET) मिलकर एक विशेष Forensic Science Immersive Experience Programme आयोजित करने जा रहे हैं।

यह कार्यक्रम उन छात्रों के लिए तैयार किया गया है जो फोरेंसिक साइंस में करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन अभी भी अपने निर्णय को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें फोरेंसिक साइंस की दुनिया का वास्तविक अनुभव कराना है ताकि वे अपने भविष्य को लेकर अक समझदारी से निर्णय ले सकें।

करियर चुनने से पहले अनुभव लेने का बढ़ता चलन

भारतीय शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय तक करियर चयन मुख्य रूप से काउंसलिंग, ब्रोशर और अकादमिक जानकारी पर आधारित रहा है। हालांकि अब स्थिति बदल रही है। छात्र और अभिभावक ऐसे अवसरों की तलाश कर रहे हैं जहां किसी क्षेत्र में प्रवेश लेने से पहले उसके वास्तविक कार्य वातावरण को समझा जा सके।

VGU का यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले इसी वर्ष AIFSET और APG शिमला यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित एक समान कार्यक्रम को छात्रों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी।

दो दिवसीय उस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों ने क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन, साक्ष्य संग्रह, फोरेंसिक लैब कार्य और फोरेंसिक रिपोर्टिंग जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया था।

प्रतिभागियों को फोरेंसिक विशेषज्ञों से बातचीत करने, आधुनिक प्रयोगशालाओं का दौरा करने और शिमला स्थित राज्य फोरेंसिक प्रयोगशाला में वास्तविक जांच प्रक्रियाओं को करीब से देखने का अवसर मिला था।

क्यों जरूरी है करियर को समझना?

कई छात्र लोकप्रियता, दूसरों की सलाह या सीमित जानकारी के आधार पर कोर्स चुन लेते हैं। बाद में उन्हें पता चलता है कि वह क्षेत्र उनकी रुचि, क्षमता या करियर लक्ष्यों के अनुरूप नहीं है।

इसी समस्या को दूर करने के लिए इमर्सिव एक्सपीरियंस प्रोग्राम तैयार किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र पेशेवरों से मिल सकते हैं, उद्योगों के कार्य वातावरण को देख सकते हैं और किसी क्षेत्र की वास्तविक कार्यशैली को समझ सकते हैं, वह भी बिना किसी लंबी अवधि के शैक्षणिक कार्यक्रम में प्रवेश लिए।

फोरेंसिक साइंस जैसे बहु-विषयक क्षेत्र में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इसमें जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, अपराध जांच, साइबर फोरेंसिक, टॉक्सिकोलॉजी, डिजिटल एविडेंस एनालिसिस और वैज्ञानिक तर्कशक्ति जैसे कई विषय शामिल होते हैं।

कार्यक्रम में क्या सीखने को मिलेगा?

VGU में आयोजित होने वाला Forensic Science Immersive Experience Programme छात्रों को फोरेंसिक साइंस के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रायोगिक प्रदर्शन, इंटरैक्टिव गतिविधियों और जांच प्रक्रियाओं की वास्तविक समझ प्रदान की जाएगी।

छात्र जान सकेंगे कि फोरेंसिक वैज्ञानिक कैसे काम करते हैं, अपराध स्थल से मिले साक्ष्यों का विश्लेषण कैसे किया जाता है और आधुनिक अपराध जांच में विज्ञान की क्या भूमिका होती है।

इसके अलावा प्रतिभागियों को साइबर फोरेंसिक, डिजिटल जांच, फोरेंसिक बायोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी और फोरेंसिक लैब साइंस जैसे उभरते करियर विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

यह अनुभव छात्रों को वह दृष्टिकोण प्रदान करेगा जो केवल कक्षा में पढ़ाई के माध्यम से हासिल करना संभव नहीं होता।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं

इस विशेष कार्यक्रम के दौरान छात्रों को क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन सिमुलेशन में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वे साक्ष्यों की जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट लेखन, केस स्टडी विश्लेषण और फोरेंसिक जांच प्रक्रियाओं को समझ सकेंगे।

कार्यक्रम में राज्य फोरेंसिक प्रयोगशाला का दौरा भी शामिल किया गया है, जहां प्रतिभागी वास्तविक जांच और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को करीब से देख पाएंगे।

सबसे खास बात यह है कि इस करियर एक्सप्लोरेशन कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों को आवास, भोजन और यात्रा सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले छात्रों के लिए भागीदारी आसान और सुविधाजनक हो सकेगी।

भारतीय उच्च शिक्षा में उभरती नई पहल

भारत में करियर इमर्शन कार्यक्रम अभी शुरुआती चरण में हैं। हालांकि इंडस्ट्री विजिट और ओरिएंटेशन सेशन लंबे समय से आयोजित होते रहे हैं, लेकिन ऐसे संरचित कार्यक्रम जहां छात्र किसी डिग्री में दाखिला लेने से पहले उस पेशे का वास्तविक अनुभव प्राप्त कर सकें, अभी भी सीमित संस्थानों में ही उपलब्ध हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभव आधारित शिक्षा छात्रों को बेहतर करियर निर्णय लेने में मदद करती है। इससे न केवल भ्रम कम होता है बल्कि छात्रों की रुचि और भागीदारी भी बढ़ती है।

फोरेंसिक साइंस जागरूकता बढ़ाने में AIFSET की भूमिका

यह पहल भारत में फोरेंसिक साइंस शिक्षा और करियर जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए AIFSET के प्रयासों को भी दर्शाती है। संस्था लगातार विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर ऐसे अवसर उपलब्ध करा रही है जहां छात्र पारंपरिक कक्षा और काउंसलिंग से आगे बढ़कर फोरेंसिक साइंस को वास्तविक रूप में समझ सकें।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को यह जानने का मौका मिल रहा है कि फोरेंसिक साइंस केवल अपराध जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साइबर क्राइम जांच, डिजिटल फोरेंसिक, फोरेंसिक बायोलॉजी और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे अनेक उभरते क्षेत्र शामिल हैं।

भविष्य के करियर निर्णयों को बनाएगा आसान

बदलते रोजगार बाजार और बढ़ती विशेषज्ञता के दौर में ऐसे कार्यक्रम छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। इनका उद्देश्य केवल किसी कोर्स का प्रचार करना नहीं, बल्कि छात्रों को किसी पेशे की वास्तविक चुनौतियों, अवसरों और संभावनाओं से परिचित कराना है।

VGU और AIFSET की यह साझेदारी छात्रों को अनुभव के आधार पर करियर चुनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। फोरेंसिक साइंस भारत में तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है और आने वाले वर्षों में इसकी मांग और संभावनाएं दोनों बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में यह कार्यक्रम उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकता है जो विज्ञान और जांच से जुड़े करियर में भविष्य तलाश रहे हैं।

Asmita Sarkar

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