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सुप्रीम कोर्ट ने CBT मोड की मांग पर फिलहाल नहीं दिया आदेश, पेन-पेपर मोड में ही होगी NEET UG 2026 परीक्षा

सुप्रीम कोर्ट ने CBT मोड की मांग पर फिलहाल नहीं दिया आदेश, पेन-पेपर मोड में ही होगी NEET UG 2026 परीक्षा

सुप्रीम कोर्ट ने CBT मोड की मांग पर फिलहाल नहीं दिया आदेश, पेन-पेपर मोड में ही होगी NEET UG 2026 परीक्षा

देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल NEET UG 2026 परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित कराने संबंधी मांग पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि परीक्षा पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ऑफलाइन यानी पेन-पेपर मोड में ही आयोजित की जाएगी।

यह मामला उस याचिका से जुड़ा था जिसमें NEET UG जैसी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा को ऑनलाइन माध्यम से कराने की मांग उठाई गई थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली से पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।

कोर्ट ने क्यों नहीं बदली परीक्षा व्यवस्था?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने परीक्षा कार्यक्रम और तैयारियों को ध्यान में रखते हुए तत्काल बदलाव की मांग स्वीकार नहीं की। अदालत ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पहले से निर्धारित है और इस स्तर पर परीक्षा के स्वरूप में बड़ा बदलाव करना उचित नहीं होगा।

कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि परीक्षा आयोजन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं और समय-सीमा को देखते हुए अंतिम समय में नई व्यवस्था लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में वर्तमान परीक्षा चक्र के लिए मौजूदा प्रारूप को जारी रखने का फैसला बरकरार रखा गया।

21 जून को ऑफलाइन मोड में होगी परीक्षा

सुप्रीम कोर्ट ने National Testing Agency (NTA) को NEET UG 2026 परीक्षा CBT मोड में आयोजित करने का कोई निर्देश नहीं दिया। इसका सीधा अर्थ यह है कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 जून को पेन और पेपर मोड में ही आयोजित होगी।

इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों के बीच स्थिति स्पष्ट हो गई है जो परीक्षा के स्वरूप को लेकर असमंजस में थे। अब छात्र उसी पैटर्न के अनुसार अपनी अंतिम तैयारी जारी रख सकते हैं जिसके आधार पर वे पिछले कई महीनों से अध्ययन कर रहे हैं।

याचिका पर आगे भी होगी सुनवाई

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल परीक्षा मोड में बदलाव का आदेश नहीं दिया है, लेकिन मामले को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है। अदालत ने याचिका को छुट्टियों के बाद आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया है।

इसका मतलब है कि भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन और परीक्षा प्रणाली से जुड़े व्यापक मुद्दों पर चर्चा जारी रह सकती है। हालांकि NEET UG 2026 के लिए परीक्षा प्रारूप में किसी बदलाव की संभावना अब नहीं है।

छात्रों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा से ठीक पहले मोड बदलने से लाखों छात्रों की तैयारी प्रभावित हो सकती थी। अधिकांश अभ्यर्थी ऑफलाइन परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से परीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हुई है।

अब उम्मीदवारों को परीक्षा के स्वरूप को लेकर चिंता करने के बजाय अंतिम दिनों में अपनी तैयारी, समय प्रबंधन और प्रश्नपत्र अभ्यास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का रास्ता तय करने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए देशभर के लाखों छात्र 21 जून का इंतजार कर रहे हैं।

Asmita Sarkar

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