
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की अपर निजी सचिव (APS) भर्ती-2023 का परिणाम चौंकाने वाला साबित हुआ है। आयोग ने भर्ती प्रक्रिया का परिणाम जारी करते हुए बताया कि 331 पदों के लिए आयोजित इस भर्ती में एक भी अभ्यर्थी अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सका। नतीजतन सभी 331 पद फिलहाल खाली रह गए हैं।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में हजारों उम्मीदवार शामिल हुए थे और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक चरण सफलतापूर्वक पार भी किया था। इसके बावजूद अंतिम चयन के लिए कोई उम्मीदवार पात्र नहीं पाया गया।
हजारों उम्मीदवारों ने लिया था हिस्सा
अपर निजी सचिव भर्ती-2023 के तहत 331 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोग ने चयन प्रक्रिया शुरू की थी। प्रारंभिक परीक्षा 7 जनवरी 2024 को आयोजित की गई थी। इसके परिणाम 4 मार्च 2024 को घोषित किए गए, जिसमें 5,889 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए सफल घोषित किया गया।
इसके बाद दूसरे चरण की परीक्षा 28 जून 2024 से 18 जुलाई 2024 के बीच लखनऊ में आयोजित हुई। इस चरण में कुल 4,240 उम्मीदवार शामिल हुए। उम्मीदवारों को उम्मीद थी कि इस परीक्षा के बाद अंतिम चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन परिणाम उम्मीदों के विपरीत रहा।
शॉर्टहैंड और टाइपिंग टेस्ट बना सबसे बड़ी चुनौती
अपर निजी सचिव पद के लिए केवल लिखित परीक्षा पास करना पर्याप्त नहीं था। भर्ती प्रक्रिया में हिंदी आशुलेखन (शॉर्टहैंड) और हिंदी टाइपिंग दक्षता का परीक्षण भी शामिल था। यही चरण उम्मीदवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया।
आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार अभ्यर्थियों को हिंदी शॉर्टहैंड में न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट की गति हासिल करनी थी। इसके साथ-साथ निर्धारित स्तर की शुद्धता बनाए रखना भी अनिवार्य था। आयोग के अनुसार दूसरे चरण में शामिल कोई भी उम्मीदवार इन मानकों को पूरा नहीं कर सका।
यही कारण रहा कि किसी भी अभ्यर्थी को अगले चरण के लिए योग्य नहीं माना गया और चयन प्रक्रिया वहीं समाप्त हो गई।
सभी 331 पद रह गए खाली
जब दूसरे चरण से कोई भी उम्मीदवार आगे नहीं बढ़ पाया तो आयोग के पास अंतिम चयन सूची जारी करने का विकल्प नहीं बचा। नियमों के अनुसार केवल उन्हीं अभ्यर्थियों का चयन किया जा सकता है जो निर्धारित योग्यता और परीक्षा मानकों को पूरा करते हों।
ऐसे में आयोग ने सभी 331 पदों को फिलहाल रिक्त रखने का निर्णय लिया है। इन पदों को भविष्य की भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है। यानी इच्छुक अभ्यर्थियों को इन पदों के लिए दोबारा भर्ती विज्ञापन जारी होने का इंतजार करना होगा।
क्या संकेत देता है यह परिणाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिणाम सरकारी भर्तियों में कौशल आधारित परीक्षाओं की कठिनाई को भी दर्शाता है। अपर निजी सचिव जैसे पदों पर शॉर्टहैंड और टाइपिंग दक्षता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि नियुक्ति के बाद अधिकारियों के साथ सीधे काम करना होता है।
यह परिणाम उन अभ्यर्थियों के लिए भी एक संदेश है जो केवल लिखित परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देते हैं। ऐसे पदों के लिए तकनीकी और व्यावहारिक कौशल की तैयारी भी उतनी ही जरूरी है जितनी विषय आधारित पढ़ाई।
अभ्यर्थियों के लिए आगे क्या?
चूंकि भर्ती प्रक्रिया में कोई भी उम्मीदवार चयन के लिए पात्र नहीं पाया गया, इसलिए अब आयोग भविष्य में नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे हिंदी शॉर्टहैंड, टाइपिंग गति और शुद्धता पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यही कौशल इस भर्ती में निर्णायक साबित हुआ।
UPPSC का यह परिणाम हाल के वर्षों की उन दुर्लभ भर्तियों में शामिल हो गया है, जहां हजारों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन अंतिम चयन के लिए एक भी अभ्यर्थी पात्र नहीं पाया गया।




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