
छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उन्हें उद्योगों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ओडिशा सरकार ने अप्रेंटिसशिप-एम्बेडेड अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। यह नया कार्यक्रम अकादमिक शिक्षा को वास्तविक कार्यस्थल के अनुभव के साथ जोड़ता है, जिससे छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
यह अभिनव कार्यक्रम पारंपरिक कक्षा आधारित शिक्षा को तीसरे वर्ष में संरचित और सवैतनिक अप्रेंटिसशिप के साथ जोड़ता है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो अनुभव आधारित शिक्षा, कौशल विकास और उच्च शिक्षा संस्थानों तथा उद्योगों के बीच मजबूत संबंधों पर जोर देती है।
नई व्यवस्था के तहत छात्र पहले दो वर्षों तक नियमित अकादमिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई करेंगे। इसके बाद तीसरे वर्ष में उन्हें उद्योग साझेदारों के साथ एक वर्ष की अप्रेंटिसशिप करने का अवसर मिलेगा। इससे छात्र अपनी डिग्री पूरी करते हुए वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव भी हासिल कर सकेंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह मॉडल शैक्षणिक ज्ञान और उद्योगों की जरूरतों के बीच मौजूद अंतर को कम करेगा तथा छात्रों के लिए रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाएगा।
इस कार्यक्रम की एक विशेषता यह भी है कि इसमें छात्रों को अपनी पढ़ाई का मार्ग चुनने की पर्याप्त स्वतंत्रता मिलेगी। विद्यार्थी 11 अलग-अलग विषयों में से चयन कर सकेंगे और NEP 2020 के बहु-विषयक ढांचे के अनुसार मेजर और माइनर विषयों का संयोजन कर पाएंगे। यह लचीला पाठ्यक्रम छात्रों को अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुसार शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ उद्योगों के लिए उपयोगी कौशल विकसित करने में मदद करेगा।
उच्च शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि दुनिया भर में स्नातकों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए अप्रेंटिसशिप से जुड़े डिग्री कार्यक्रमों को तेजी से अपनाया जा रहा है। स्नातक होने से पहले वास्तविक कार्य अनुभव मिलने से छात्रों में पेशेवर दक्षता, कार्यस्थल की समझ, कार्य नैतिकता और व्यावहारिक समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित होती है, जिसकी मांग नियोक्ता अक्सर करते हैं।
ओडिशा सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया स्टूडेंट एकेडमिक मैनेजमेंट सिस्टम (SAMS) पोर्टल के माध्यम से शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश कार्यक्रम के अनुसार चयनित उम्मीदवारों की पहली मेरिट सूची 17 जून को जारी की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार यह कार्यक्रम पारंपरिक डिग्री ढांचे से अलग एक नई सोच को दर्शाता है, जिसमें कौशल आधारित शिक्षा को सीधे अकादमिक यात्रा का हिस्सा बनाया गया है। इसके साथ ही यह पहल उच्च शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को भी मजबूत करेगी, जिससे छात्रों को उभरते हुए क्षेत्रों और आधुनिक कार्य संस्कृति को समझने का अवसर मिलेगा।
भारत में युवाओं की रोजगार क्षमता और कार्यबल की तैयारी को मजबूत बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में ओडिशा का यह अप्रेंटिसशिप-एम्बेडेड स्नातक कार्यक्रम अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकता है, जो अकादमिक शिक्षा को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में काम करना चाहते हैं।




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