आईआईएलएम यूनिवर्सिटी (IILM University) ने 5 जून को दिल्ली के मयूर विहार स्थित हॉलीडे इन होटल में HR Conclave 2.0 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मानव संसाधन (HR) क्षेत्र के विशेषज्ञों, कॉर्पोरेट पेशेवरों और उद्योग जगत के नेताओं ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थलों पर विविधता, समान अवसर और समावेशन (Diversity, Equity and Inclusion – DEI) से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना था।
इस वर्ष सम्मेलन की थीम थी, “Inclusion or Illusion? The Real State of DEI in Corporate India”। इस विषय के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझने और परखने का अवसर मिला कि क्या कंपनियों द्वारा अपनाई जा रही विविधता और समावेशन संबंधी नीतियां वास्तव में कर्मचारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं या वे केवल औपचारिक पहल बनकर रह गई हैं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं और विशेषज्ञों ने आधुनिक कार्यस्थलों में समावेशी संस्कृति विकसित करने, समान अवसर सुनिश्चित करने और कर्मचारियों के सामने मौजूद चुनौतियों को दूर करने जैसे विषयों पर विचार साझा किए। चर्चा का केंद्र इस बात पर रहा कि संगठनों में विविधता को केवल नीतियों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे कार्य संस्कृति का प्रभावी हिस्सा बनाया जाए।
HR Conclave 2.0 ने कॉर्पोरेट क्षेत्र में DEI की बढ़ती प्रासंगिकता को भी रेखांकित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि विविध और समावेशी कार्यस्थल न केवल कर्मचारियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करते हैं, बल्कि संगठनों की उत्पादकता, नवाचार और दीर्घकालिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समान अवसर और समावेश को बढ़ावा देने के लिए केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए नेतृत्व स्तर पर प्रतिबद्धता, कर्मचारियों की भागीदारी और लगातार समीक्षा की भी आवश्यकता होती है।
IILM University द्वारा आयोजित यह सम्मेलन कॉर्पोरेट भारत में कार्यस्थलों को अधिक समावेशी और न्यायसंगत बनाने की दिशा में विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। साथ ही इसने यह भी दर्शाया कि भविष्य के कार्यस्थलों के निर्माण में विविधता और समावेशन की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।




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