
देशभर के लाखों JEE अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 12वीं में निर्धारित न्यूनतम पात्रता अंक हासिल नहीं कर पाने वाले छात्र भी फिलहाल JoSAA काउंसलिंग 2026 की प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। यह फैसला उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो JEE Advanced में सफल होने के बावजूद बोर्ड परीक्षा के अंकों के कारण चिंता में थे।
IIT रुड़की ने कहा है कि सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के ऐसे उम्मीदवार जिनके 12वीं में 75% से कम अंक हैं, तथा एससी, एसटी और PwD श्रेणी के ऐसे छात्र जिनके 65% से कम अंक हैं, वे भी वर्तमान में JoSAA काउंसलिंग के दौरान अपनी पसंद (Choice Filling) दर्ज कर सकते हैं। इन छात्रों को उनकी JEE Advanced रैंक के आधार पर सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
हालांकि, IIT रुड़की ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह केवल काउंसलिंग और सीट आवंटन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति है। अंतिम प्रवेश तभी मान्य होगा जब उम्मीदवार निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करेगा। संस्थान के अनुसार, जिन छात्रों के बोर्ड अंकों में बाद में सुधार होता है, उन्हें संशोधित मार्कशीट जमा करनी होगी।
क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में कई छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के अंकों और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई थी। बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी सामने आए जिन्होंने JEE Advanced में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन 12वीं के अंकों के कारण IIT प्रवेश की पात्रता को लेकर असमंजस में थे। इसी बीच IIT रुड़की ने यह स्पष्टीकरण जारी किया है कि योग्य उम्मीदवार काउंसलिंग से बाहर नहीं होंगे और उन्हें अपनी पसंद भरने का अवसर मिलेगा।
छात्रों को क्या करना होगा?
IIT रुड़की के अनुसार, जिन उम्मीदवारों के पास अभी पात्रता के अनुरूप अंक नहीं हैं, वे JoSAA काउंसलिंग में भाग लेते रहें। यदि बाद में उनके संशोधित परिणाम या सुधार परीक्षा (Improvement Exam) के अंक निर्धारित सीमा तक पहुंच जाते हैं, तो उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी अपडेटेड मार्कशीट जमा करनी होगी। इसके बाद ही सीट की पुष्टि और प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
75% नियम अभी भी लागू है
महत्वपूर्ण बात यह है कि IIT रुड़की ने 75% पात्रता नियम को समाप्त नहीं किया है। JEE Advanced 2026 की आधिकारिक प्रवेश शर्तों के अनुसार, सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए 12वीं में कम से कम 75% अंक या संबंधित बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल में होना आवश्यक है। वहीं एससी, एसटी और PwD उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 65% अंक की शर्त लागू है।
छात्रों के लिए राहत, लेकिन अंतिम पात्रता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि IIT रुड़की का यह कदम उन छात्रों को तत्काल राहत देता है जो बोर्ड अंकों में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं या जिनके परिणामों से जुड़ी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इससे योग्य JEE उम्मीदवार काउंसलिंग से बाहर नहीं होंगे और उन्हें सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल रहने का मौका मिलेगा। हालांकि अंतिम प्रवेश के लिए निर्धारित शैक्षणिक पात्रता पूरी करना अब भी अनिवार्य रहेगा।




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