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60 साल की उम्र में पूर्व माओवादी नेता देवजी ने LawCET 2026 में हासिल की 349वीं रैंक, अब बनना चाहते हैं वकील

60 साल की उम्र में पूर्व माओवादी नेता देवजी ने LawCET 2026 में हासिल की 349वीं रैंक, अब बनना चाहते हैं वकील

60 साल की उम्र में पूर्व माओवादी नेता देवजी ने LawCET 2026 में हासिल की 349वीं रैंक, अब बनना चाहते हैं वकील

सीखने और आगे बढ़ने की कोई तय उम्र नहीं होती। तेलंगाना के पूर्व माओवादी नेता तिप्पिरी तिरुपति, जिन्हें देवजी के नाम से भी जाना जाता है, ने इस बात को अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से साबित कर दिखाया है। 60 वर्ष की उम्र में उन्होंने तेलंगाना लॉसेट (LawCET) 2026 परीक्षा में राज्य स्तर पर 349वीं रैंक हासिल कर शिक्षा जगत में एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।

कुछ महीने पहले तक अलग जीवन जी रहे देवजी ने फरवरी 2026 में आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने और कानून की शिक्षा हासिल करने का लक्ष्य तय किया। अब उनका सपना वकील बनकर समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।

पांच वर्षीय एलएलबी में प्रवेश की राह हुई आसान

तेलंगाना लॉसेट परीक्षा राज्य के विभिन्न विधि महाविद्यालयों में एलएलबी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। पांच वर्षीय एलएलबी कार्यक्रम में दाखिले के लिए आयोजित परीक्षा में देवजी ने 57 अंक प्राप्त किए और राज्य में 349वीं रैंक हासिल की।

उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने जीवन के ऐसे दौर में यह सफलता हासिल की है, जब अधिकांश लोग शिक्षा से दूर हो चुके होते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो किसी भी उम्र में नई शुरुआत की जा सकती है।

आत्मसमर्पण के बाद पढ़ाई को बनाया प्राथमिकता

देवजी ने फरवरी 2026 में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटकर अपनी अधूरी शिक्षा पूरी करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि 1980 से 1982 के बीच इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान उनका तेलुगु विषय अधूरा रह गया था।

करीब चार दशक बाद उन्होंने विशेष अनुमति लेकर मई 2026 में तेलुगु विषय की परीक्षा दी। फिलहाल वह उसके परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अंतिम शैक्षणिक परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने भविष्य की तैयारी को ध्यान में रखते हुए LawCET परीक्षा में भाग लिया और उल्लेखनीय सफलता हासिल की।

गरीबों को मुफ्त कानूनी सहायता देने का सपना

देवजी का कहना है कि कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए काम करना चाहते हैं। उनका मानना है कि समाज में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें कानूनी जानकारी और सहायता नहीं मिल पाती, जिसके कारण उन्हें न्याय पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

इसी उद्देश्य से उन्होंने कानून की पढ़ाई को चुना है ताकि भविष्य में जरूरतमंद लोगों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करा सकें।

LawCET 2026 में 73 प्रतिशत उम्मीदवार हुए सफल

तेलंगाना लॉसेट-2026 के घोषित परिणामों के अनुसार इस वर्ष परीक्षा का कुल सफलता प्रतिशत 73 रहा। परीक्षा के लिए 66,864 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 54,374 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 39,673 उम्मीदवारों ने न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त कर विभिन्न कानून पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता हासिल की।

अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष बड़ी संख्या में 60 वर्ष से अधिक आयु के अभ्यर्थियों ने भी परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इसके अलावा हजारों इंजीनियरिंग स्नातकों ने भी कानून के क्षेत्र में करियर बनाने की रुचि दिखाई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विधि शिक्षा के प्रति युवाओं और पेशेवरों दोनों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।

प्रेरणा बन रही है देवजी की कहानी

देवजी की सफलता केवल एक परीक्षा में अच्छी रैंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। यह कहानी जीवन में दूसरे अवसर, शिक्षा की शक्ति और निरंतर सीखने की भावना का उदाहरण भी है। ऐसे समय में जब कई लोग उम्र को अपनी सीमाओं का कारण मान लेते हैं, देवजी ने दिखाया है कि सही दिशा में किया गया प्रयास किसी भी उम्र में नई पहचान और नया भविष्य दे सकता है।

उनकी उपलब्धि न केवल तेलंगाना बल्कि पूरे देश के उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके, लेकिन आज भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।

Asmita Sarkar

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