
देश के शीर्ष विज्ञान एवं शोध संस्थानों में शामिल भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु ने इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में एक नया कदम उठाया है। संस्थान ने छात्रों के लिए एक नया चार वर्षीय बीटेक कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें मैकेनिक्स और कंप्यूटिंग को एक साथ जोड़कर आधुनिक तकनीकी जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।
यह नया कार्यक्रम उन छात्रों के लिए खास माना जा रहा है जो इंजीनियरिंग की पारंपरिक समझ के साथ-साथ कंप्यूटेशनल तकनीकों और डेटा आधारित विश्लेषण में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। संस्थान के अनुसार इस कोर्स के जरिए विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और उभरते उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
JoSAA काउंसलिंग के जरिए होगा प्रवेश
IISc ने बताया है कि इस नए बीटेक कार्यक्रम में दाखिला JoSAA 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाएगा। चयनित छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र अगस्त 2026 से शुरू होगा। देशभर के इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए यह एक नया और आकर्षक विकल्प बनकर सामने आया है, खासकर उन छात्रों के लिए जो शोध और नवाचार आधारित शिक्षा में रुचि रखते हैं।
आठ सेमेस्टर में तैयार होगा मजबूत तकनीकी आधार
चार वर्षीय यह कार्यक्रम कुल आठ सेमेस्टर में पूरा होगा। पाठ्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र इंजीनियरिंग मैकेनिक्स, गणितीय मॉडलिंग और कंप्यूटेशनल साइंस की मजबूत समझ विकसित कर सकें।
संस्थान का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं है, बल्कि छात्रों को जटिल इंजीनियरिंग समस्याओं का विश्लेषण करने और उनके व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए तैयार करना भी है। इसके लिए गणित, भौतिकी और आधुनिक कंप्यूटिंग तकनीकों को एकीकृत रूप में पढ़ाया जाएगा।
इन विषयों पर रहेगा विशेष जोर
नए बीटेक कार्यक्रम में इंजीनियरिंग मैकेनिक्स, कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग, फिजिकल सिस्टम्स, डेटा आधारित विश्लेषण और सिमुलेशन आधारित इंजीनियरिंग जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से वास्तविक समस्याओं पर काम करने का अवसर भी मिलेगा।
पाठ्यक्रम में सिस्टम डिजाइन, मॉडलिंग तकनीक और समस्या समाधान कौशल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थी उद्योग और शोध दोनों क्षेत्रों की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
AI, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स में भी मिलेगा अवसर
इस कार्यक्रम की एक बड़ी विशेषता यह है कि छात्र अपनी रुचि के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), रोबोटिक्स और अन्य उभरते तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े वैकल्पिक विषय भी चुन सकेंगे।
आज जब उद्योग जगत तेजी से ऑटोमेशन, स्मार्ट सिस्टम और डेटा आधारित तकनीकों की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में यह लचीलापन छात्रों को बहुआयामी कौशल विकसित करने में मदद करेगा। इससे उनके लिए भविष्य में विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में करियर के अवसर भी बढ़ेंगे।
रिसर्च और इंडस्ट्री एक्सपोजर का मिलेगा लाभ
IISc की पहचान देश के प्रमुख शोध संस्थान के रूप में रही है। ऐसे में इस कार्यक्रम के छात्रों को शुरुआती चरण से ही रिसर्च प्रोजेक्ट्स और नवाचार गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
बेंगलुरु देश का प्रमुख तकनीकी और स्टार्टअप केंद्र माना जाता है। इस वजह से छात्रों को उद्योगों के साथ काम करने, इंटर्नशिप करने और वास्तविक परियोजनाओं का अनुभव हासिल करने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। यह अनुभव उनकी तकनीकी समझ को मजबूत करने के साथ-साथ रोजगार क्षमता को भी बढ़ाएगा।
सीमित सीटें, व्यक्तिगत मार्गदर्शन पर जोर
संस्थान ने संकेत दिया है कि इस कार्यक्रम में सीमित संख्या में छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शैक्षणिक सहयोग, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और शोध गतिविधियों में अधिक भागीदारी का अवसर उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मैकेनिक्स, कंप्यूटिंग और डेटा आधारित इंजीनियरिंग के इस संयोजन से तैयार होने वाले छात्र भविष्य में एयरोस्पेस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में यह नया बीटेक कार्यक्रम उन छात्रों के लिए एक मजबूत विकल्प बन सकता है जो पारंपरिक इंजीनियरिंग से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।




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