
नीट (NEET) परीक्षा के संचालन और उससे जुड़े मुद्दों पर संसद की निगरानी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने बुधवार को एक अहम बैठक आयोजित की, जिसमें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के संचालन और उससे संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव ने की। चर्चा का मुख्य विषय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) अधिनियम, 2019 के तहत आयोजित की जाने वाली नीट परीक्षा की व्यवस्था और उसके संचालन से जुड़े पहलू रहे। यह समीक्षा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली नियामक संस्थाओं की भूमिका, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली के व्यापक मूल्यांकन का हिस्सा थी।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और NTA के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण देते हुए परीक्षा संचालन, परीक्षा प्रबंधन और नियामक ढांचे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जानकारी साझा की।
सूत्रों के अनुसार, समिति ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, प्रबंधन व्यवस्था और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े कई पहलुओं पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी मांगी। अधिकारियों ने समिति के सदस्यों के सवालों के जवाब भी दिए और परीक्षा संचालन से संबंधित प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में नीट परीक्षा को लेकर पारदर्शिता, परीक्षा प्रबंधन और अभ्यर्थियों की शिकायतों जैसे मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में संसदीय समिति की यह समीक्षा मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नीट देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले होते हैं। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं, इसलिए इसके संचालन से जुड़ा हर निर्णय और समीक्षा प्रक्रिया व्यापक महत्व रखती है।
संसदीय समिति की इस बैठक को मेडिकल शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन प्रणाली की निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में समिति की सिफारिशें और समीक्षा रिपोर्ट नीट परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अहम भूमिका निभा सकती हैं।




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