
गैलगोटियास यूनिवर्सिटी ने नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यूनिवर्सिटी की छात्र टीमों ने हांगकांग में आयोजित प्रतिष्ठित वैश्विक स्टार्टअप और इनोवेशन प्रतियोगिता ग्लोबल EDVentures 2026 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए गैलगोटियास यूनिवर्सिटी की दो छात्र टीमों ने 10 देशों की 19 टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा की। इन टीमों ने तकनीक और उद्यमिता के माध्यम से वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करने वाले अपने अभिनव विचारों का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन प्रोजेक्ट TACTO का रहा, जिसने ग्लोबल EDVentures 2026 का ओवरऑल विजेता बनने के साथ-साथ AWS चैम्पियनशिप पुरस्कार भी अपने नाम किया। इस परियोजना को छात्रों गौरांग पंत, सृष्टि मंडोलिया और काव्या सिंह ने विकसित किया है। यह एक स्पर्श-आधारित शिक्षण समाधान (Tactile Learning Solution) है, जिसका उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है। यह उपलब्धि इस बात को दर्शाती है कि समावेशी तकनीक दिव्यांग व्यक्तियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इसके अलावा, छात्रों द्वारा स्थापित स्टार्टअप टेक्यूरियस प्राइवेट लिमिटेड (Tekurious Pvt. Limited) को भी वैश्विक फाइनलिस्ट के रूप में सम्मानित किया गया। टीम के सदस्य आकाश कुमार, यश वर्धन जी और अनूप मौर्य ने वर्चुअल रियलिटी (VR) आधारित एक इमर्सिव लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया, जो इंटरैक्टिव और अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर केंद्रित है।
छात्रों के उद्यमशील प्रयासों और नवाचारी विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए गैलगोटियास यूनिवर्सिटी ने अपने 10 करोड़ रुपये के गैलगोटियास इनोवेशन फंड के तहत वित्तीय सहायता की भी घोषणा की है। यूनिवर्सिटी ने कार्बनसिंक (CarbonSync), एग्री रोवर (Agri Rover) और प्रोजेक्ट TACTO को फंडिंग सहायता के लिए चुना है। यह कदम छात्र-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और कैंपस में नवाचार की संस्कृति को मजबूत करने की यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह उपलब्धि उद्यमिता, अनुसंधान और तकनीक-आधारित समस्या समाधान को बढ़ावा देने के लिए गैलगोटियास यूनिवर्सिटी के निरंतर प्रयासों को भी रेखांकित करती है। मेंटरशिप, वैश्विक मंचों पर अवसर और वित्तीय सहायता के माध्यम से यूनिवर्सिटी छात्रों को ऐसे समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित कर रही है, जिनका वास्तविक जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ सके।
ग्लोबल EDVentures 2026 में यूनिवर्सिटी की टीमों की सफलता न केवल छात्रों की प्रतिभा और रचनात्मकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारतीय छात्र उद्यमी वैश्विक नवाचार परिदृश्य में लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय पहचान और संस्थागत सहयोग मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि विजेता टीमें अपने समाधानों को और अधिक विकसित करेंगी तथा शिक्षा, स्थिरता और तकनीक-आधारित नवाचार के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।




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