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DU UG Admission 2026: इस सप्ताह खुल सकता है CSAS पोर्टल, 21 जुलाई से शुरू हो सकता है नया शैक्षणिक सत्र

DU UG Admission 2026: इस सप्ताह खुल सकता है CSAS पोर्टल, 21 जुलाई से शुरू हो सकता है नया शैक्षणिक सत्र

DU UG Admission 2026: इस सप्ताह खुल सकता है CSAS पोर्टल, 21 जुलाई से शुरू हो सकता है नया शैक्षणिक सत्र

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2026 के नतीजे जारी होने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने स्नातक प्रवेश प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, अंडरग्रेजुएट दाखिलों के लिए इस्तेमाल होने वाला कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) पोर्टल जल्द ही छात्रों के लिए खोल दिया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय 21 जुलाई 2026 से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत करने की तैयारी में है।

CSAS पोर्टल लॉन्च की अंतिम तैयारियां

दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए CSAS पोर्टल की अंतिम तकनीकी और प्रशासनिक जांच की जा रही है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि छात्र जल्द से जल्द अपनी पसंद के कॉलेज और पाठ्यक्रमों का चयन कर सकें, ताकि प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यदि सभी तैयारियां निर्धारित योजना के अनुसार पूरी हो जाती हैं, तो CSAS पोर्टल इसी सप्ताह शुरू किया जा सकता है। इसके बाद छात्र ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी प्राथमिकताएं भर सकेंगे।

71 हजार से अधिक सीटों पर होगा दाखिला

दिल्ली विश्वविद्यालय देश के सबसे बड़े केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है और हर वर्ष लाखों छात्र यहां प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय के 70 से अधिक कॉलेजों में संचालित लगभग 79 स्नातक पाठ्यक्रमों की 71,000 से ज्यादा सीटों पर दाखिले किए जाएंगे।

पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह CUET-UG स्कोर के आधार पर होगी। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित यह परीक्षा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रवेश के लिए एक समान मानक उपलब्ध कराती है।

कैसे होगी एडमिशन प्रक्रिया?

CSAS पोर्टल खुलने के बाद उम्मीदवारों को सबसे पहले अपना पंजीकरण करना होगा। इसके बाद वे अपनी पसंद के कॉलेजों और पाठ्यक्रमों का चयन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय छात्रों के CUET स्कोर और उनकी भरी गई प्राथमिकताओं के आधार पर सीट आवंटन करेगा।

सीट आवंटन कई चरणों में जारी किया जाएगा। प्रत्येक राउंड के बाद छात्रों के पास दो विकल्प होंगे। पहला, आवंटित सीट स्वीकार कर प्रवेश को फाइनल करना। दूसरा, अपग्रेड विकल्प चुनना, जिससे अगले चरण में अधिक पसंदीदा कॉलेज या कोर्स मिलने की संभावना बनी रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिकताएं भरते समय छात्रों को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यही सूची आगे सीट आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पिछले वर्षों में देरी पर उठे थे सवाल

CUET आधारित प्रवेश प्रक्रिया लागू होने के बाद शुरुआती वर्षों में परिणाम और काउंसलिंग में देरी को लेकर कई बार सवाल उठे। शिक्षकों और शिक्षाविदों के एक वर्ग ने चिंता जताई थी कि प्रवेश प्रक्रिया लंबी खिंचने से शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित होता है और छात्रों की पढ़ाई समय पर शुरू नहीं हो पाती।

वर्ष 2025 में दिल्ली विश्वविद्यालय ने अगस्त की शुरुआत से कक्षाएं शुरू कर दी थीं, लेकिन प्रवेश और मॉप-अप राउंड सितंबर के अंतिम सप्ताह तक चलते रहे। इसके चलते कई छात्रों ने सेमेस्टर शुरू होने के कई सप्ताह बाद कक्षाओं में प्रवेश लिया।

इसी प्रकार 2024 में CUET-UG परिणाम में देरी होने के कारण विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र अगस्त के अंत में शुरू हुआ था और प्रवेश प्रक्रिया अक्टूबर तक जारी रही थी। ऐसे में इस वर्ष विश्वविद्यालय समयबद्ध प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने पर विशेष जोर दे रहा है।

कुलपति ने बताया CUET का सबसे बड़ा फायदा

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि CUET ने विभिन्न शिक्षा बोर्डों के बीच मौजूद मूल्यांकन असमानताओं को काफी हद तक समाप्त किया है। पहले प्रवेश मुख्य रूप से 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर होते थे, लेकिन अलग-अलग बोर्डों के मूल्यांकन मानकों में अंतर होने से कई बार छात्रों को समान अवसर नहीं मिल पाता था।

उनके अनुसार, CUET ने सभी छात्रों के लिए एक समान परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली उपलब्ध कराई है, जिससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनी है।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे प्रवेश प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार की घबराहट न रखें और CSAS पोर्टल पर अपनी प्राथमिकताएं सोच-समझकर भरें। दाखिले पूरी तरह CUET स्कोर और छात्रों द्वारा चुनी गई प्राथमिकताओं के आधार पर होंगे।

साथ ही, जिन छात्रों के कक्षा 12 के अंकों में पुनर्मूल्यांकन या सुधार के बाद बदलाव होता है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने अपडेटेड दस्तावेज जमा कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि आगे भी बढ़ाई जा सकती है।

क्या करें छात्र?

CUET-UG 2026 में शामिल हुए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे दिल्ली विश्वविद्यालय के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल और नोटिफिकेशन पर लगातार नजर बनाए रखें। पोर्टल खुलते ही समय पर पंजीकरण करें, अपनी पसंदीदा कॉलेज और कोर्स सूची सावधानी से तैयार करें और सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। इससे प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकेगा।

Asmita Sarkar

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