
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले कई महत्वपूर्ण बदलावों का ऐलान किया है। विश्वविद्यालय ने पांच पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा (एंट्रेंस टेस्ट) की व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब इन कोर्सों में दाखिला सीधे निर्धारित पात्रता के आधार पर दिया जाएगा। इसके साथ ही कम छात्र संख्या वाले पांच अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों को बंद करने का भी निर्णय लिया गया है। इन कार्यक्रमों के लिए इस वर्ष से आवेदन प्रक्रिया आयोजित नहीं होगी।
यह जानकारी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से जारी प्रवेश सूचना के माध्यम से दी गई है। नए फैसलों का उद्देश्य उन पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को आसान बनाना है, जहां पिछले कुछ वर्षों में पर्याप्त संख्या में आवेदन नहीं मिल रहे थे।
इन 5 कोर्सों में मिलेगा डायरेक्ट एडमिशन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने जिन पांच पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश देने का फैसला किया है, उनमें कुल 125 सीटें उपलब्ध हैं। इन कोर्सों में अब प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं होगी। छात्रों का चयन विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंड के आधार पर किया जाएगा।
इन पाठ्यक्रमों में शामिल हैं:
- बीए (ऑनर्स) संस्कृत – 30 सीटें
- एमए संस्कृत – 30 सीटें
- एमए फारसी – 30 सीटें
- पुर्तगाली भाषा में डिप्लोमा (पार्ट-टाइम) – 15 सीटें
- एमएससी बायोफिजिक्स (द्वितीय सेमेस्टर) – 20 सीटें
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से यह चर्चा थी कि जामिया में संस्कृत से जुड़े पाठ्यक्रम बंद किए जा सकते हैं। हालांकि विश्वविद्यालय ने इन अटकलों को विराम देते हुए स्पष्ट किया है कि संस्कृत के कोर्स बंद नहीं किए गए हैं, बल्कि उनमें प्रवेश का तरीका बदला गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
विश्वविद्यालय के अनुसार, पिछले प्रवेश सत्र में इन पाठ्यक्रमों में उपलब्ध सीटों की तुलना में 50 प्रतिशत से भी कम आवेदन प्राप्त हुए थे। कम आवेदन संख्या के कारण कई सीटें खाली रह गई थीं। ऐसे में अधिक छात्रों को आकर्षित करने और सीटों को भरने के उद्देश्य से प्रवेश परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
उच्च शिक्षा संस्थानों में समय-समय पर ऐसे बदलाव किए जाते हैं ताकि कम मांग वाले पाठ्यक्रमों में भी योग्य छात्रों को प्रवेश का बेहतर अवसर मिल सके और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग हो।
इन 5 प्रोग्राम्स को किया गया बंद
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पांच कार्यक्रमों को बंद करने का भी फैसला लिया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि इन पाठ्यक्रमों में लगातार कम प्रवेश होने के कारण इन्हें फिलहाल संचालित नहीं किया जाएगा।
बंद किए गए कार्यक्रमों में शामिल हैं:
- मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट
- पीजी डिप्लोमा इन डिजास्टर मैनेजमेंट
- पीजी डिप्लोमा इन ट्रांसलेशन प्रोफिशिएंसी (अंग्रेजी)
- डिप्लोमा इन लेदर गुड्स एंड फुटवियर टेक्नोलॉजी
- एमएफए इन आर्ट मैनेजमेंट
आवेदन करने वाले छात्रों को मिलेगी फीस वापसी
विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने इन बंद किए गए कार्यक्रमों के लिए पहले ही आवेदन किया है, उनकी आवेदन फीस वापस कर दी जाएगी। इससे छात्रों को किसी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं होगा।
छात्रों के लिए क्या है इसका मतलब?
जामिया के इस फैसले से उन छात्रों को राहत मिलेगी जो बिना प्रवेश परीक्षा के कुछ चुनिंदा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेना चाहते हैं। वहीं, जिन छात्रों की रुचि बंद किए गए कार्यक्रमों में थी, उन्हें अब अन्य विश्वविद्यालयों या वैकल्पिक कोर्सों का विकल्प तलाशना होगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले विश्वविद्यालय की आधिकारिक प्रवेश सूचना और पात्रता शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जामिया के ये बदलाव विश्वविद्यालय की प्रवेश नीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन माने जा रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि डायरेक्ट एडमिशन की नई व्यवस्था से इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश संख्या में कितना इजाफा होता है।




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