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TEXMiN and Airborne Geoscience International to jointly develop AI-based mineral exploration technology

TEXMiN और Airborne Geoscience International मिलकर विकसित करेंगे AI आधारित खनिज खोज तकनीक

TEXMiN and Airborne Geoscience International to jointly develop AI-based mineral exploration technology

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क TEXMiN ने Airborne Geoscience International (AGI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में महत्वपूर्ण (Critical) खनिजों की खोज के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग आधारित उन्नत तकनीक विकसित करना है।

इस सहयोग के तहत भू-विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रकार के डेटा, जैसे भूवैज्ञानिक (Geological), भूभौतिकीय (Geophysical), भू-रासायनिक (Geochemical) और जीआईएस (GIS) आधारित जानकारी को एकीकृत कर उनका विश्लेषण किया जाएगा। इसका लक्ष्य भारत में महत्वपूर्ण और गहराई में मौजूद खनिजों की संभावनाओं का बेहतर आकलन करना और संभावित खनिज क्षेत्रों की प्राथमिकता तय करना है।

घोषणा के अनुसार, इस परियोजना में हवाई (Airborne) और जमीनी (Ground) भूभौतिकीय आंकड़ों को भूवैज्ञानिक जानकारी, भू-रासायनिक नमूनों और ऊंचाई संबंधी मॉडलों (Elevation Models) के साथ जोड़ा जाएगा। AI आधारित यह प्रणाली शुरुआती चरण की खनिज खोज में अनिश्चितताओं को कम करने और संभावित खनिज क्षेत्रों की तेजी से पहचान करने में मदद करेगी।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अपनी घरेलू क्षमता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025 में नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (National Critical Mineral Mission) की शुरुआत की थी, जिसके लिए 16,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य खनिजों की खोज, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करना और पूरे खनिज मूल्य श्रृंखला (Mineral Value Chain) में आत्मनिर्भरता बढ़ाना है।

वर्तमान में भारत लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे कई महत्वपूर्ण खनिजों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। इन खनिजों का उपयोग बैटरियों, सोलर मॉड्यूल और पवन टर्बाइन जैसी स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों में किया जाता है। ऐसे में देश के भीतर इन खनिजों की खोज ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) और औद्योगिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के उपनिदेशक और TEXMiN के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि यह साझेदारी खनिज खोज से जुड़े अनुसंधान को व्यावहारिक और फील्ड में इस्तेमाल किए जा सकने वाले समाधानों में बदलने की दिशा में अहम कदम साबित होगी। उन्होंने बताया कि AGI हवाई भू-विज्ञान और डेटा विश्लेषण में अपनी विशेषज्ञता लेकर आएगा, जबकि TEXMiN AI, अनुसंधान और खनिज संभाव्यता मॉडलिंग (Mineral Prospectivity Modelling) के क्षेत्र में अपना अनुभव साझा करेगा।

वहीं, Airborne Geoscience International के प्रबंध निदेशक सुदीप्तो मुखर्जी ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य भू-विज्ञान से जुड़े आंकड़ों को ऐसे उपयोगी विश्लेषण में बदलना है, जिससे खनिज खोज की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज हो सके तथा महत्वपूर्ण खनिजों की खोज में तेजी लाई जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह सहयोग खनिज खोज प्रक्रिया की एक बड़ी चुनौती को दूर करने में मदद करेगा। इसके माध्यम से पुराने और नए सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़ों का बेहतर विश्लेषण संभव होगा, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी बन सकेगी।

 

 

Asmita Sarkar

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