
World’s Best School Prize 2026: भारत के लिए शिक्षा के क्षेत्र से एक बड़ी और गर्व की खबर सामने आई है। दुनिया के प्रतिष्ठित ‘World’s Best School Prizes 2026’ के लिए भारत के सात स्कूल अलग-अलग श्रेणियों में टॉप-10 की सूची में जगह बनाने में सफल रहे हैं। इसके साथ ही भारत ने एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है। एक ही वर्ष में सबसे अधिक स्कूलों के शॉर्टलिस्ट होने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है।
इन पुरस्कारों का आयोजन यूनाइटेड किंगडम (UK) की वैश्विक शिक्षा संस्था T4 Education करती है। यह सम्मान उन स्कूलों को दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षा, नवाचार, सामुदायिक भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और छात्रों के समग्र विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया हो।
किन भारतीय स्कूलों को मिली जगह?
इस वर्ष भारत के सात स्कूल पांच अलग-अलग श्रेणियों में टॉप-10 शॉर्टलिस्ट में शामिल हुए हैं। अब वैश्विक शिक्षा विशेषज्ञों और जजों का पैनल इन स्कूलों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करेगा। इसके बाद नवंबर 2026 में प्रत्येक श्रेणी के शीर्ष तीन फाइनलिस्ट और विजेता स्कूलों की घोषणा की जाएगी।
शॉर्टलिस्ट किए गए भारतीय स्कूलों में पुणे का PCMC छत्रपति शाहूजी महाराज इंग्लिश मीडियम स्कूल और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग स्थित आर्मी गुडविल स्कूल वुजूर को Innovation श्रेणी में जगह मिली है।
Community Collaboration श्रेणी में नोएडा का Healthy Planet TGA Early Years School, बेंगलुरु की Inventure Academy और लखनऊ का सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल (विनीत खंड) शामिल हैं।
वहीं Environmental Action श्रेणी में बेंगलुरु का Euroschool Bannerghatta और Supporting Healthy Lives श्रेणी में लखनऊ का सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल शॉर्टलिस्ट हुआ है।
भारत ने बनाया नया वैश्विक रिकॉर्ड
इस बार भारत ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो पहले किसी भी देश ने हासिल नहीं किया था। एक ही संस्करण में सात स्कूलों का टॉप-10 शॉर्टलिस्ट में पहुंचना भारतीय शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में हो रहे नवाचार की वैश्विक पहचान माना जा रहा है।
T4 Education के संस्थापक ने की भारतीय स्कूलों की सराहना
T4 Education और World’s Best School Prizes के संस्थापक विकास पोटा ने कहा कि शॉर्टलिस्ट किए गए सभी स्कूल अपने-अपने तरीके से छात्रों को तेजी से बदलती दुनिया के लिए तैयार कर रहे हैं। उनके अनुसार आज दुनिया संघर्ष, असमानता और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में स्कूल केवल शिक्षा देने का काम नहीं कर रहे, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार नागरिक और नेतृत्व तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन स्कूलों ने यह दिखाया है कि बेहतर शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज और विद्यार्थियों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का माध्यम भी बन सकती है। दुनिया भर की सरकारें और शैक्षणिक संस्थान इन मॉडलों से सीख ले सकते हैं।
अब आगे क्या होगा?
दुनिया भर से शॉर्टलिस्ट किए गए कुल 50 स्कूलों को इस वर्ष Community Choice Award के लिए भी चुना गया है। इसके तहत सार्वजनिक ऑनलाइन वोटिंग शुरू हो चुकी है और लोग अपने पसंदीदा स्कूल के समर्थन में मतदान कर सकते हैं।
प्रत्येक श्रेणी के विजेताओं की घोषणा नवंबर 2026 में की जाएगी। इसके बाद विजेता और सभी शॉर्टलिस्ट स्कूलों को जनवरी 2027 में लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित World Schools Summit में आमंत्रित किया जाएगा, जहां दुनिया भर के शिक्षा विशेषज्ञ और नीति निर्माता भाग लेंगे।
क्या है World’s Best School Prizes?
World’s Best School Prizes की शुरुआत कोविड-19 महामारी के बाद T4 Education ने की थी। इसका उद्देश्य उन स्कूलों को वैश्विक स्तर पर सम्मानित करना है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, सामाजिक भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, छात्रों के स्वास्थ्य और बदलती दुनिया के अनुरूप शिक्षा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
यह इस पुरस्कार का चौथा संस्करण है। भारत के सात स्कूलों का एक साथ टॉप-10 में पहुंचना न केवल देश के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय स्कूल अब वैश्विक स्तर पर शिक्षा के नए मानक स्थापित कर रहे हैं।




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