
UGC NET 2026 परीक्षा के दौरान अंग्रेजी और समाजशास्त्र (Sociology) विषय के प्रश्नपत्रों को लेकर सोशल मीडिया पर कई गंभीर दावे सामने आए हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि अंग्रेजी विषय के प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न पूछे गए, जो कथित तौर पर 2024 के प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते हैं। वहीं समाजशास्त्र के प्रश्नपत्र को लेकर एआई (Artificial Intelligence) के इस्तेमाल, पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न और भाषा संबंधी कई त्रुटियों के आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इन सभी दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
समाजशास्त्र के प्रश्नपत्र को लेकर क्या हैं आरोप?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई अभ्यर्थियों और शोधार्थियों ने समाजशास्त्र के प्रश्नपत्र की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। एक पीएचडी शोधार्थी ने दावा किया कि प्रश्नपत्र में कई ऐसे विचारकों और पुस्तकों से जुड़े प्रश्न शामिल थे, जिनका निर्धारित पाठ्यक्रम से सीधा संबंध नहीं था।
इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र में वर्तनी, व्याकरण और हिंदी अनुवाद से जुड़ी कई गंभीर गलतियां थीं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट में कुछ प्रमुख समाजशास्त्रियों के नाम गलत लिखे जाने और कई शब्दों के अनुवाद में त्रुटियों का भी उल्लेख किया गया है। उम्मीदवारों का कहना है कि ऐसी गलतियों से प्रश्नों को समझने में कठिनाई होती है और इसका असर परीक्षा के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
अंग्रेजी प्रश्नपत्र पर भी उठे सवाल
अंग्रेजी विषय के प्रश्नपत्र को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है। कुछ उम्मीदवारों ने दावा किया है कि 150 प्रश्नों में से 67 प्रश्न वर्ष 2024 के प्रश्नपत्र से काफी हद तक मिलते-जुलते हैं। इन दावों के समर्थन में कुछ अभ्यर्थियों ने पुराने प्रश्नपत्रों के स्क्रीनशॉट और तुलना भी साझा की है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रश्न पूरी तरह समान थे या केवल विषयवस्तु और अवधारणा में समानता थी। इस संबंध में भी अभी तक NTA की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
UGC NET परीक्षा का प्रारूप
UGC NET परीक्षा दो भागों में आयोजित की जाती है। पहले पेपर में सभी अभ्यर्थियों के लिए समान रूप से शिक्षण एवं शोध अभिरुचि, तर्क क्षमता, सामान्य जागरूकता और विश्लेषणात्मक कौशल से जुड़े 50 प्रश्न पूछे जाते हैं। दूसरे पेपर में उम्मीदवार के चुने हुए विषय से संबंधित 100 प्रश्न होते हैं। दोनों पेपर एक ही सत्र में कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के रूप में आयोजित किए जाते हैं।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल प्रश्नपत्रों को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पुष्टि नहीं हुई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से भी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
यदि अभ्यर्थियों की ओर से दर्ज शिकायतों की जांच होती है या NTA इस मामले में कोई बयान जारी करता है, तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों को अंतिम सत्य न मानें।




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