
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक (UG) दाखिले को लेकर छात्रों में उत्साह लगातार बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय के कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS-UG 2026) के पहले चरण में अब तक 1,42,733 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। वहीं, दूसरे चरण की शुरुआत के बाद 43,547 उम्मीदवार अपने पसंदीदा कॉलेज और पाठ्यक्रम की प्राथमिकताएं भी दर्ज कर चुके हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रवेश डीन प्रोफेसर हनीत गांधी के अनुसार, CSAS Phase-2 की प्रक्रिया 3 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 11 जुलाई 2026 रात 11:59 बजे तक अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय ने सभी अभ्यर्थियों को अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते अपनी प्राथमिकताएं भरने की सलाह दी है।
67 कॉलेजों में 71 हजार से अधिक सीटों पर होगा प्रवेश
इस वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के 67 कॉलेजों में 73 स्नातक पाठ्यक्रमों और 100 से अधिक बीए प्रोग्राम कॉम्बिनेशन के तहत 71,000 से अधिक सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
सभी दाखिले CUET UG 2026 में प्राप्त अंकों के आधार पर किए जाएंगे। हालांकि, केवल अच्छे अंक पर्याप्त नहीं होंगे। उम्मीदवारों को संबंधित पाठ्यक्रम की पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। विषयों का सही संयोजन और पात्रता का मिलान प्रवेश प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
दूसरे चरण में क्या करना होगा?
CSAS के दूसरे चरण में उम्मीदवारों को सबसे पहले कक्षा 12 में पढ़े गए विषयों का CUET UG 2026 में दिए गए विषयों से मिलान (Subject Mapping) करना होगा। इसके बाद ही वे अपनी पसंद के कॉलेज और पाठ्यक्रम की प्राथमिकताएं दर्ज कर पाएंगे।
प्राथमिकताओं को सोच-समझकर भरना जरूरी है, क्योंकि सीट आवंटन इन्हीं विकल्पों और CUET स्कोर के आधार पर किया जाएगा।
12 जुलाई को जारी होगी सिम्युलेटेड रैंक
दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रवेश समय-सारिणी के अनुसार 12 जुलाई 2026 शाम 5 बजे CSAS पोर्टल पर सिम्युलेटेड रैंक जारी की जाएगी। इसका उद्देश्य उम्मीदवारों को यह समझने में मदद करना है कि उनकी मौजूदा प्राथमिकताओं के आधार पर संभावित सीट आवंटन की स्थिति क्या हो सकती है।
सिम्युलेटेड रैंक देखने के बाद अभ्यर्थियों को 13 जुलाई तक अपने कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकताओं में बदलाव या पुनः क्रम निर्धारित करने का अवसर मिलेगा।
पहली सीट आवंटन सूची कब आएगी?
दिल्ली विश्वविद्यालय 16 जुलाई 2026 को पहली सीट आवंटन सूची जारी करेगा। जिन उम्मीदवारों को सीट मिलेगी, उन्हें 18 जुलाई तक अपनी सीट स्वीकार करनी होगी। इसके बाद संबंधित कॉलेज 20 जुलाई तक दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। पहले चरण में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए 21 जुलाई 2026 तक प्रवेश शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा।
इसके बाद 25 जुलाई 2026 को दूसरी सीट आवंटन सूची जारी की जाएगी। इस सूची में चयनित उम्मीदवार 26 जुलाई तक सीट स्वीकार कर सकेंगे। कॉलेज 27 जुलाई तक दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे, जबकि फीस जमा करने की अंतिम तिथि 28 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
28 जुलाई से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
दिल्ली विश्वविद्यालय का नया शैक्षणिक सत्र 28 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है। प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को CUET UG 2026 के आवेदन नंबर के माध्यम से CSAS पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है।
विश्वविद्यालय ने इस बार प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए भारत सरकार के API Setu का उपयोग किया है। इसके जरिए अभ्यर्थियों की मूल जानकारी स्वतः प्राप्त की जा रही है, जिससे डेटा एंट्री में त्रुटियों की संभावना कम होगी और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी अधिक आसान बनेगी।
CSAS पंजीकरण शुल्क
CSAS-UG 2026 के लिए पंजीकरण शुल्क सभी वर्गों के लिए अलग-अलग निर्धारित किया गया है। सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 250 रुपये का एकमुश्त और गैर-वापसी योग्य शुल्क देना होगा। वहीं एससी, एसटी और दिव्यांग (PwBD) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह शुल्क 100 रुपये रखा गया है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
यदि आपने अभी तक कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकताएं नहीं भरी हैं, तो अंतिम तिथि का इंतजार न करें। विषयों की मैपिंग सावधानी से करें, पात्रता शर्तों को अच्छी तरह पढ़ें और अपनी रुचि, CUET स्कोर तथा पिछले वर्षों के प्रवेश रुझानों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकताओं का चयन करें। सही विकल्प और समय पर की गई प्रक्रिया ही बेहतर कॉलेज और पसंदीदा कोर्स में प्रवेश की संभावना बढ़ा सकती है।




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