
देश में शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ पहल तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2 जुलाई 2026 तक देशभर में लगभग 26.35 करोड़ सत्यापित (Verified) APAAR ID जारी की जा चुकी हैं। इस पहल का उद्देश्य हर छात्र को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान देना है, ताकि उसकी पढ़ाई से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू की गई यह व्यवस्था स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और व्यावसायिक शिक्षा तक छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ने का काम करती है।
क्या है APAAR ID?
APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) एक 12 अंकों की यूनिक स्टूडेंट आईडी है, जो हर छात्र को केवल एक बार जारी की जाती है। यह आईडी Academic Bank of Credits (ABC) सिस्टम से जुड़ी होती है और इसे DigiLocker के माध्यम से भी एक्सेस किया जा सकता है।
इस डिजिटल पहचान के जरिए छात्र के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, स्किल ट्रेनिंग और अन्य मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही जगह सुरक्षित रहते हैं। इससे बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होती है और रिकॉर्ड का सत्यापन भी आसान हो जाता है।
सरकार के अनुसार, National Academic Depository (NAD)-ABC के तहत भविष्य में स्कूल स्तर के शैक्षणिक रिकॉर्ड भी APAAR ID से जोड़े जाएंगे। वहीं, जिन क्षेत्रों में इंटरनेट या डिजिटल सुविधाएं सीमित हैं, वहां छात्र अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी APAAR ID बनवा सकते हैं।
क्या है Academic Bank of Credits (ABC)?
Academic Bank of Credits (ABC) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां छात्रों द्वारा पढ़ाई के दौरान अर्जित अकादमिक क्रेडिट सुरक्षित रखे जाते हैं। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला बनाना और छात्रों को अपनी पढ़ाई अपनी सुविधा के अनुसार आगे बढ़ाने का अवसर देना है।
इस व्यवस्था में छात्र अलग-अलग संस्थानों से प्राप्त क्रेडिट को एक ही खाते में सुरक्षित रख सकते हैं। यदि किसी कारण से पढ़ाई बीच में छूट जाती है, तब भी उनके अर्जित क्रेडिट सुरक्षित रहते हैं। बाद में पढ़ाई दोबारा शुरू करने पर उन्हीं क्रेडिट का उपयोग कर छात्र अपनी शिक्षा जारी रख सकते हैं।
छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा?
APAAR ID और ABC सिस्टम मिलकर छात्रों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। सबसे बड़ा लाभ यह है कि छात्रों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है और जरूरत पड़ने पर आसानी से सत्यापित किया जा सकता है।
नई व्यवस्था के तहत एक संस्थान से दूसरे संस्थान में क्रेडिट ट्रांसफर करना भी पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। इससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट व्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
यदि कोई छात्र किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ देता है, तो उसके अर्जित क्रेडिट समाप्त नहीं होते। वह बाद में फिर से किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेकर उन्हीं क्रेडिट के आधार पर अपनी पढ़ाई जारी रख सकता है। मौजूदा नियमों के अनुसार, क्रेडिट को ट्रांसफर या रिडीम करने की समय-सीमा सात वर्ष तक निर्धारित है।
डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
APAAR और ABC प्लेटफॉर्म स्कूलों, विश्वविद्यालयों, स्किल डेवलपमेंट संस्थानों और अन्य शैक्षणिक निकायों को एक साझा डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ते हैं। इससे छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के साथ-साथ संस्थानों के बीच डेटा साझा करना और सत्यापन भी आसान हो जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह व्यवस्था प्रवेश प्रक्रिया, डिग्री सत्यापन, क्रेडिट ट्रांसफर और आजीवन सीखने (Lifelong Learning) की अवधारणा को और मजबूत करेगी। इसके साथ ही देश में एक ऐसी डिजिटल शिक्षा प्रणाली विकसित होगी, जहां छात्रों का पूरा शैक्षणिक सफर एक ही डिजिटल पहचान के माध्यम से दर्ज और सुरक्षित रहेगा।




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