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Why was Diljit Dosanjh's film 'Satluj' removed from the OTT platform two days after its release?

रिलीज के दो दिन बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म से क्यों हटाई गई दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’?

Why was Diljit Dosanjh's film 'Satluj' removed from the OTT platform two days after its release?

दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म को लंबे इंतजार और कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद आखिरकार 4 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर बिना किसी कट के रिलीज किया गया था। लेकिन रिलीज के महज दो दिन बाद, 6 जुलाई को इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। इस फैसले ने फिल्म से जुड़े कलाकारों और दर्शकों के बीच नई बहस छेड़ दी है।

फिल्म के हटने के बाद ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ‘सतलुज’ अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी। हालांकि प्लेटफॉर्म ने यह भी स्पष्ट किया कि वह फिल्म और इसके रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ खड़ा है तथा सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए इसे दोबारा दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करेगा।

क्यों विवादों में है ‘सतलुज’?

‘सतलुज’ की कहानी पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित बताई जाती है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने खालरा का किरदार निभाया है।

जसवंत सिंह खालरा ने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों के बाद अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार से जुड़े मामलों की जांच की थी। उन्होंने दावा किया था कि हजारों लोगों के शवों का बिना पहचान और बिना कानूनी प्रक्रिया के अंतिम संस्कार किया गया। बाद में 1995 में उनका अपहरण हुआ और उनकी हत्या कर दी गई। यह मामला देश के सबसे चर्चित मानवाधिकार मामलों में शामिल रहा है।

फिल्म इसी संवेदनशील दौर की घटनाओं और उनके प्रभाव को दिखाती है। यही वजह है कि इसकी विषयवस्तु शुरू से विवादों में रही और रिलीज से पहले भी इसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

ZEE5 ने क्या कहा?

फिल्म हटाए जाने के बाद ZEE5 ने अपने बयान में कहा कि वह ‘सतलुज’ जैसी मजबूत और सार्थक कहानियों के समर्थन में है। प्लेटफॉर्म के अनुसार, मौजूदा हालात को देखते हुए फिल्म को फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं कराया जा सकता, लेकिन उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाकर इसे जल्द दोबारा दर्शकों के सामने लाने की कोशिश जारी रहेगी।

इस बयान से यह संकेत मिला कि फिल्म को स्थायी रूप से नहीं हटाया गया है और भविष्य में इसकी वापसी संभव है।

निर्देशक हनी त्रेहान ने जताई उम्मीद

फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान ने ZEE5 के बयान को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किया। इसके साथ उन्होंने पंजाबी में लिखा, “तेरा भाणा मीठा लगे”।

सिख परंपरा में इस वाक्य का अर्थ है कि इंसान ईश्वर की इच्छा को स्वीकार करता है। इस संदेश के साथ उन्होंने हाथ जोड़ने वाला इमोजी भी लगाया। उनकी पोस्ट को इस रूप में देखा जा रहा है कि वह फिल्म की दोबारा रिलीज को लेकर अब भी आशावादी हैं।

दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा?

फिल्म के मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने भी फिल्म हटाए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर एक लाइव बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि फिल्म अपने दर्शकों तक पहुंच चुकी है और उसका उद्देश्य पूरा हो चुका है।

उन्होंने फिल्म पर लगे इस प्रतिबंध की तुलना जसवंत सिंह खालरा के जीवन से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह खालरा की आवाज को दबाने की कोशिश की गई थी, उसी तरह फिल्म को भी रोकने की कोशिश हो रही है। दिलजीत का कहना था कि जब फिल्म लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है, तब इसे बाद में हटाने का ज्यादा मतलब नहीं रह जाता।

दमदार स्टारकास्ट से सजी है फिल्म

‘सतलुज’ में दिलजीत दोसांझ के अलावा कई अनुभवी कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। फिल्म की स्टारकास्ट में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान शामिल हैं।

फिल्म को सामाजिक और ऐतिहासिक विषय पर आधारित गंभीर ड्रामा माना जा रहा है, जिसने रिलीज के साथ ही दर्शकों और फिल्म समीक्षकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

क्या दोबारा रिलीज होगी ‘सतलुज’?

फिलहाल ZEE5 ने फिल्म को भारत में अस्थायी रूप से हटाया है। प्लेटफॉर्म ने अपने बयान में साफ किया है कि वह कानूनी और नियामकीय प्रक्रियाओं के तहत सभी विकल्पों पर काम कर रहा है। ऐसे में यह संभावना बनी हुई है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ‘सतलुज’ को फिर से स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।

फिलहाल दर्शकों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार है कि फिल्म कब और किन परिस्थितियों में दोबारा ओटीटी पर लौटेगी।

 

 

Asmita Sarkar

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