
FMGE June 2026 Result: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) जून 2026 का परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in पर जारी कर दिया है। हालांकि, इस बार परिणाम घोषित होते ही मेडिकल छात्रों के बीच नाराजगी देखने को मिली। इसकी सबसे बड़ी वजह बेहद कम पास प्रतिशत और परीक्षा के दौरान खराब व्यवस्थाओं को बताया जा रहा है।
ऑल एफएमजी एसोसिएशन (AFA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार देशभर से 37,448 उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से केवल 4,635 उम्मीदवार ही परीक्षा पास कर सके। यानी कुल 12.38 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल हुए, जबकि 31,645 उम्मीदवार परीक्षा में असफल रहे।
FMGE परीक्षा क्या है?
फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) उन भारतीय नागरिकों और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) के लिए अनिवार्य स्क्रीनिंग परीक्षा है, जिन्होंने विदेश से एमबीबीएस या समकक्ष मेडिकल डिग्री प्राप्त की है और भारत में मेडिकल प्रैक्टिस या अनिवार्य इंटर्नशिप करना चाहते हैं। इस परीक्षा को पास किए बिना भारत में डॉक्टर के रूप में पंजीकरण नहीं कराया जा सकता।
FMGE June 2026 Result: प्रमुख आंकड़े
इस बार परीक्षा से जुड़े आंकड़े इस प्रकार हैं—
- कुल पंजीकृत उम्मीदवार: 37,448
- कुल सफल उम्मीदवार: 4,635 (12.38%)
- असफल उम्मीदवार: 31,645 (84.50%)
- परीक्षा में अनुपस्थित: 1,148 (3.07%)
- रोककर रखे गए परिणाम: 20 उम्मीदवार (0.053%)
- स्कोरकार्ड उपलब्ध होंगे: 16 जुलाई 2026 या उसके बाद
- स्कोरकार्ड डाउनलोड की अवधि: केवल 6 महीने
NBEMS ने स्पष्ट किया है कि छह महीने की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद स्कोरकार्ड डाउनलोड करने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा।
कम पास प्रतिशत पर छात्रों ने उठाए सवाल
इस बार का 12.38 प्रतिशत पास प्रतिशत पिछले तीन-चार वर्षों के औसत की तुलना में लगभग आधा बताया जा रहा है। इसे लेकर छात्र संगठनों ने परीक्षा की कठिनाई और परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ऑल एफएमजी एसोसिएशन (AFA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि इस बार परीक्षा का स्तर सामान्य स्क्रीनिंग टेस्ट की तुलना में काफी अधिक कठिन था।
एसोसिएशन के अनुसार, केवल प्रश्नपत्र ही कठिन नहीं था, बल्कि कई परीक्षा केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था। संगठन ने यह भी कहा कि भारत में डॉक्टरों की जरूरत लगातार बढ़ रही है, लेकिन FMGE पास करने के बाद भी विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को इंटर्नशिप शुरू करने के लिए कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता है।
AFA का कहना है कि इस बार कई उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र NEET PG और INI-CET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से भी अधिक कठिन लगा। संगठन ने निष्पक्ष परीक्षा, बेहतर परीक्षा केंद्र, समय पर इंटर्नशिप और पारदर्शी व्यवस्था की मांग की है।
NBEMS ने ग्रेस मार्क्स को लेकर क्या कहा?
NBEMS ने अपने आधिकारिक नोटिस में बताया कि परीक्षा समाप्त होने के बाद विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी की तकनीकी समीक्षा की।
बोर्ड ने उम्मीदवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए दो महत्वपूर्ण फैसले लिए—
- जिन प्रश्नों में तकनीकी त्रुटि पाई गई, उनके पूर्ण अंक सभी उम्मीदवारों को दिए गए।
- जिन प्रश्नों के दो सही उत्तर थे, उनमें दोनों में से किसी भी सही विकल्प को चुनने वाले उम्मीदवारों को अंक दिए गए।
16 जुलाई से डाउनलोड कर सकेंगे स्कोरकार्ड
NBEMS के अनुसार, सभी उम्मीदवार 16 जुलाई 2026 से अपना व्यक्तिगत स्कोरकार्ड आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे। स्कोरकार्ड डाउनलोड करने का लिंक केवल छह महीने तक उपलब्ध रहेगा। इसके बाद किसी भी प्रकार का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मेडिकल रजिस्ट्रेशन के लिए केवल स्कोरकार्ड पर्याप्त नहीं
NBEMS ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन डाउनलोड किया गया स्कोरकार्ड स्टेट मेडिकल काउंसिल (SMC) में मेडिकल रजिस्ट्रेशन के लिए मान्य दस्तावेज नहीं होगा।
सफल उम्मीदवारों को FMGE Pass Certificate जारी करने के लिए अलग से सूचना दी जाएगी। यह प्रमाणपत्र केवल व्यक्तिगत रूप से (In-Person) पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही वितरित किया जाएगा।
साथ ही, सभी राज्य मेडिकल काउंसिलों को उम्मीदवारों के परिणामों की डिजिटल हस्ताक्षरित (Digitally Signed) सूची सीधे NBEMS की ओर से भेजी जाएगी, ताकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और फर्जी दस्तावेजों की संभावना खत्म हो सके।




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