
जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी (JLU) के पूर्व छात्र और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ता निमिष अर्जरिया को प्रतिष्ठित ‘राइजिंग स्टार 2026’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें विधि (लॉ) के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, पेशेवर प्रतिबद्धता और उल्लेखनीय योगदान के लिए गैवल ग्लोरी अवॉर्ड्स (Gavel Glory Awards) में प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति संजय करोल ने द लीला पैलेस, नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह के दौरान निमिष अर्जरिया को प्रदान किया।
पारुल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित गैवल ग्लोरी अवॉर्ड्स का उद्देश्य विधि के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कानूनी पेशेवरों को सम्मानित करना है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने पेशे में उत्कृष्टता, समर्पण और पेशेवर नैतिकता का परिचय दिया है।
जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी के अनुसार, यह सम्मान निमिष अर्जरिया के कानूनी करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। विश्वविद्यालय ने कहा कि JLU में उनकी शैक्षणिक यात्रा से लेकर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में सफल वकालत तक का सफर उनके निरंतर प्रयास, समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता को दर्शाता है।
विश्वविद्यालय ने अपने पूर्व छात्र को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल कानूनी करियर की शुभकामनाएं दीं।
विश्वविद्यालय का मानना है कि निमिष अर्जरिया की यह उपलब्धि कानूनी क्षेत्र में JLU के पूर्व छात्रों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। साथ ही, यह कानून की पढ़ाई करने वाले वर्तमान और भावी विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है।




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