
शिमला यूनिवर्सिटी ने उद्योग की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और भविष्य के लिए तैयार कौशल (Future-Ready Learning) को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय अब AWS Academy Member Institution बन गया है। इस पहल के तहत छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग की पढ़ाई, प्रायोगिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण, विशेषज्ञों से सीखने का अवसर और AWS सर्टिफिकेशन परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिलेगी, जिससे वे डिजिटल टेक्नोलॉजी सेक्टर में बेहतर करियर बना सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने कहा कि AWS Academy की सदस्यता मिलने से उद्योग-केंद्रित शिक्षा को और मजबूती मिलेगी तथा छात्रों को उभरती हुई तकनीकों में करियर के लिए तैयार किया जाएगा।
छात्रों को मिलेगा क्लाउड कंप्यूटिंग का प्रैक्टिकल अनुभव
AWS Academy के साथ साझेदारी का उद्देश्य छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है, जिसकी मांग आज टेक इंडस्ट्री में लगातार बढ़ रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र हैंड्स-ऑन लर्निंग के जरिए तकनीकी कौशल विकसित करेंगे और क्लाउड टेक्नोलॉजी के वास्तविक उपयोग को समझ सकेंगे।
इसके अलावा, छात्रों को इस क्षेत्र के विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे वे उद्योग की मौजूदा आवश्यकताओं और व्यावहारिक कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।
AWS सर्टिफिकेशन की तैयारी में मिलेगा लाभ
विश्वविद्यालय के अनुसार, AWS Academy की सदस्यता छात्रों को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त क्लाउड कंप्यूटिंग सर्टिफिकेशन परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद करेगी। यह कार्यक्रम छात्रों का तकनीकी ज्ञान मजबूत करने के साथ-साथ डिजिटल टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में उनके करियर के अवसरों को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।
उद्योग की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा पर जोर
विश्वविद्यालय ने अपने बयान में कहा कि AWS Academy की सदस्यता इस बात का प्रमाण है कि शिमला यूनिवर्सिटी छात्रों को ऐसी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो बदलते हुए टेक्नोलॉजी सेक्टर और रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप हो।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़ी आवश्यक दक्षताओं से लैस करना है, ताकि वे डिजिटल अर्थव्यवस्था में उभर रहे नए अवसरों का लाभ उठाते हुए भविष्य के करियर के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।




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