
US Student Visa 2026: अमेरिका में नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। जुलाई और अगस्त से अधिकांश अमेरिकी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में कक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में जिन भारतीय छात्रों को प्रवेश मिल चुका है, वे अब F-1 स्टूडेंट वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं। हालांकि, हाल के महीनों में वीजा इंटरव्यू अपॉइंटमेंट में देरी और सीमित स्लॉट के कारण कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी बीच नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने छात्र वीजा प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। दूतावास ने कहा है कि अमेरिकी सरकार निर्धारित नियमों के तहत छात्र वीजा आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है और छात्रों को केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
वीजा अपॉइंटमेंट में देरी से बढ़ी चिंता
हर साल बड़ी संख्या में भारतीय छात्र अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं। इस वर्ष भी हजारों छात्रों को अमेरिकी विश्वविद्यालयों से प्रवेश पत्र मिल चुके हैं, लेकिन कई छात्रों का कहना है कि उन्हें वीजा इंटरव्यू के लिए समय पर अपॉइंटमेंट नहीं मिल पा रहा है।
इसी बीच ICEF Monitor की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2025 में भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी छात्र वीजा अस्वीकृति (Refusal) दर लगभग 61 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक बताई गई है। हालांकि, यह आंकड़ा विभिन्न वीजा श्रेणियों और आवेदन परिस्थितियों पर आधारित है। अंतिम निर्णय प्रत्येक आवेदन की व्यक्तिगत समीक्षा के बाद लिया जाता है।
अमेरिकी दूतावास ने क्या कहा?
नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि छात्र वीजा प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार जारी है। उन्होंने आवेदकों से अपील की कि वे वीजा अपॉइंटमेंट, प्रोसेसिंग समय और अन्य अपडेट के लिए केवल अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. Department of State) और संबंधित अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध जानकारी का ही उपयोग करें।
दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि वीजा प्रक्रिया से जुड़ी समय-सीमा और उपलब्ध स्लॉट समय-समय पर बदल सकते हैं। इसलिए छात्रों को नियमित रूप से आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
F-1 स्टूडेंट वीजा के लिए क्या है पूरी प्रक्रिया?
अमेरिका में पढ़ाई के लिए सबसे पहले छात्र को किसी मान्यता प्राप्त अमेरिकी विश्वविद्यालय या कॉलेज में प्रवेश प्राप्त करना होता है। प्रवेश मिलने के बाद संबंधित संस्थान छात्र को Form I-20 जारी करता है।
इसके बाद छात्र पासपोर्ट, I-20 और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन वीजा आवेदन करता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद वीजा इंटरव्यू के लिए अपॉइंटमेंट बुक करनी होती है। तय तारीख पर अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास में इंटरव्यू लिया जाता है। इंटरव्यू सफल होने पर छात्र को F-1 Student Visa जारी किया जाता है।
कब तक मिल सकता है वीजा और कब कर सकते हैं यात्रा?
अमेरिकी नियमों के अनुसार, नए छात्र अपने कोर्स की शुरुआत से 365 दिन पहले तक F-1 वीजा के लिए आवेदन और वीजा जारी करा सकते हैं।
हालांकि, Form I-20 में दर्ज कार्यक्रम की शुरुआत की तारीख से 30 दिन पहले ही अमेरिका में प्रवेश की अनुमति होती है। इससे पहले छात्र अमेरिका की यात्रा नहीं कर सकते।
F-1 वीजा उन छात्रों के लिए सबसे सामान्य श्रेणी है जो अमेरिका के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, निजी माध्यमिक विद्यालयों या अंग्रेजी भाषा कार्यक्रमों में पढ़ाई करने जाते हैं।
EducationUSA से भी मिल सकती है मदद
अमेरिकी विदेश विभाग EducationUSA नाम से एक आधिकारिक सलाहकारी नेटवर्क भी संचालित करता है, जो अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को मार्गदर्शन देता है।
भारत में इसके केंद्र नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता में संचालित हैं। यहां छात्र प्रवेश प्रक्रिया, विश्वविद्यालय चयन, छात्रवृत्ति, वीजा और अमेरिका में पढ़ाई से जुड़े अन्य विषयों पर आधिकारिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
छात्रों के लिए क्या है सलाह?
यदि आपने अमेरिकी विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त कर लिया है, तो वीजा आवेदन में देरी न करें। सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें, नियमित रूप से आधिकारिक पोर्टल पर अपॉइंटमेंट की उपलब्धता जांचते रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। किसी भी अनधिकृत एजेंट या अपुष्ट दावों के आधार पर निर्णय लेने से बचें।




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